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50 बैड के आयुर्वेदिक अस्पताल में नगरपालिका ने डाला अड़ंगा
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:51 PM IST
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बिजनौर। प्रदेश ने कई जिले में नौ-नौ करोड़ की लागत से 50 बेड का आयुर्वेदिक चिकित्सालय बनना था, लेकिन बिजनौर में नगरपालिका अधिकारियों ने इसमें अपना अड़ंगा डालकर इसको रोक दिया है। इसको लेकर आयुर्वेदिक विभाग काफी चिंतित है।
आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत कई जिलों में 50 बेड का आयुर्वेदिक चिकित्सालय खोलना चाहती है। अस्पताल के निर्माण में करीब नौ लाख रुपये खर्च होने थे। इसके लिए अपर प्रमुख सचिव अनीता भटनागर जैन मई में प्रदेश के 75 जिलों के डीएम को पत्र भेजकर प्रस्ताव मांगा था। अपर प्रमुख सचिव ने डीएम से इसके लिए करीब एक एकड़ जमीन भी मांगी थी। आयुर्वेदिक विभाग द्वारा जमीन की तलाश शुरू कर दी गई थी। तत्कालीन नगरपालिका के चेयरमैन रहे फरीद अहमद ने बोर्ड की बैठक में मोहल्ला जाटान स्थित घेर रामबाग मेें अस्पताल के लिए जमीन देने का प्रस्ताव भी पास किया था, लेकिन नगरपालिका बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकारियों ने अपनी टांग अड़ा दी। अधिकारियों ने जमीन देने के लिए डीजीसी से पूछा है कि नगरपालिका आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए जमीन दे सकती है या नहीं, हालांकि जिले में आयुर्वेदिक चिकित्सालय खुलने से लाखों मरीजों को इसका फायदा होगा। जिले के मरीजों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से सस्ता व बेहतर इलाज मिल सकेगा।
क्षेत्रिय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ.मोहन प्रसाद भट्ट ने बताया कि नगरपालिका अध्यक्ष फरीद अहमद के कार्यकाल में जमीन देने को कहा गया था, लेकिन अधिकारियों ने डीजीसी से इस बारे में अपनी राय मांगी है।
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वहीं नगरपालिका के ईओ इंद्रपाल सिंह ने बताया कि आयुर्वेदिक विभाग ही जमीन लेने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है। उनकी ओर से इसमें कोई पैरवी नहीं की गई है।
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आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत कई जिलों में 50 बेड का आयुर्वेदिक चिकित्सालय खोलना चाहती है। अस्पताल के निर्माण में करीब नौ लाख रुपये खर्च होने थे। इसके लिए अपर प्रमुख सचिव अनीता भटनागर जैन मई में प्रदेश के 75 जिलों के डीएम को पत्र भेजकर प्रस्ताव मांगा था। अपर प्रमुख सचिव ने डीएम से इसके लिए करीब एक एकड़ जमीन भी मांगी थी। आयुर्वेदिक विभाग द्वारा जमीन की तलाश शुरू कर दी गई थी। तत्कालीन नगरपालिका के चेयरमैन रहे फरीद अहमद ने बोर्ड की बैठक में मोहल्ला जाटान स्थित घेर रामबाग मेें अस्पताल के लिए जमीन देने का प्रस्ताव भी पास किया था, लेकिन नगरपालिका बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकारियों ने अपनी टांग अड़ा दी। अधिकारियों ने जमीन देने के लिए डीजीसी से पूछा है कि नगरपालिका आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए जमीन दे सकती है या नहीं, हालांकि जिले में आयुर्वेदिक चिकित्सालय खुलने से लाखों मरीजों को इसका फायदा होगा। जिले के मरीजों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से सस्ता व बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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क्षेत्रिय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ.मोहन प्रसाद भट्ट ने बताया कि नगरपालिका अध्यक्ष फरीद अहमद के कार्यकाल में जमीन देने को कहा गया था, लेकिन अधिकारियों ने डीजीसी से इस बारे में अपनी राय मांगी है।
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वहीं नगरपालिका के ईओ इंद्रपाल सिंह ने बताया कि आयुर्वेदिक विभाग ही जमीन लेने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है। उनकी ओर से इसमें कोई पैरवी नहीं की गई है।