{"_id":"59c16c674f1c1bb0688b5677","slug":"101505848423-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेतु निगम को माइनिंग प्लान अनुमोदन उपलब्ध कराने को कहा गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेतु निगम को माइनिंग प्लान अनुमोदन उपलब्ध कराने को कहा गया
Updated Wed, 20 Sep 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माइनिंग प्लान के तहत ही मिलेगी मिट्टी
नजीबाबाद(बिजनौर)। डबल फाटक फ्लाईओवर निर्माण का अंतिम चरण का काम एक बार फिर से अधर में लटक गया है। खनन विभाग लखनऊ के निदेशक के हवाले से सेतु निगम को खेत से आवश्यक मिट्टी निकालने के लिए माइनिंग प्लान अनुमोदन और पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया है।
डबल फाटक फोरलेन फ्लाईओवर निर्माण कार्य के अंतिम चरण के काम में बिहारी के तिराहे पर पुल से सड़क को जोड़ने के लिए मिट्टी का भरान किया जाना शेष था। सेतु निगम ने गांव कनकपुर के खेत से 2500 घनमीटर मिट्टी निकालने की अनुमति की फाइल जिला मुख्यालय भेजी थी। एडीएम प्रशासन ने फाइल स्वीकृत होने की जानकारी दी थी, लेकिन शासन से आए एक पत्र ने मिट्टी खनन का मामला अधर में लटका दिया। सेतु निगम के अधिकारियों ने स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
एडीएम प्रशासन ने सेतु निगम को मिट्टी खनन के लिए उत्तर प्रदेश खनिज परिहार नियमावली 1963 के प्रावधान का हवाला देते भारत सरकार वन पर्यावरण एवं जल मंत्रालय से हाल ही मिले निर्देशानुसार माइनिंग प्लान अनुमोदन और पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने पर ही मिट्टी खनन की अनुमति देने का तर्क दिया है। सेतु निगम पिछले कई महीनों से मिट़्टी खनन के लिए अनुमति मांग रहा है। जनपद में अनेक स्थानों पर मिट्टी खनन होने के बावजूद सेतु निगम को पुल निर्माण के लिए आवश्यक मिट्टी नहीं मिल पा रही।
विज्ञापन
खनन निरीक्षक देशराज सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुुसार माइनिंग प्लान के बिना सेतु निगम को मिट्टी खनन की अनुमति दिया जाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि माइनिंग प्लान से संबंधित कार्रवाई के लिए सेतु निगम को अपने स्तर से प्रयास शुरू करने होंगे। खनिज विभाग शीघ्र अनुमति दिलाने का प्रयास करेगा।
विज्ञापन
नजीबाबाद(बिजनौर)। डबल फाटक फ्लाईओवर निर्माण का अंतिम चरण का काम एक बार फिर से अधर में लटक गया है। खनन विभाग लखनऊ के निदेशक के हवाले से सेतु निगम को खेत से आवश्यक मिट्टी निकालने के लिए माइनिंग प्लान अनुमोदन और पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया है।
डबल फाटक फोरलेन फ्लाईओवर निर्माण कार्य के अंतिम चरण के काम में बिहारी के तिराहे पर पुल से सड़क को जोड़ने के लिए मिट्टी का भरान किया जाना शेष था। सेतु निगम ने गांव कनकपुर के खेत से 2500 घनमीटर मिट्टी निकालने की अनुमति की फाइल जिला मुख्यालय भेजी थी। एडीएम प्रशासन ने फाइल स्वीकृत होने की जानकारी दी थी, लेकिन शासन से आए एक पत्र ने मिट्टी खनन का मामला अधर में लटका दिया। सेतु निगम के अधिकारियों ने स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
विज्ञापन
एडीएम प्रशासन ने सेतु निगम को मिट्टी खनन के लिए उत्तर प्रदेश खनिज परिहार नियमावली 1963 के प्रावधान का हवाला देते भारत सरकार वन पर्यावरण एवं जल मंत्रालय से हाल ही मिले निर्देशानुसार माइनिंग प्लान अनुमोदन और पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने पर ही मिट्टी खनन की अनुमति देने का तर्क दिया है। सेतु निगम पिछले कई महीनों से मिट़्टी खनन के लिए अनुमति मांग रहा है। जनपद में अनेक स्थानों पर मिट्टी खनन होने के बावजूद सेतु निगम को पुल निर्माण के लिए आवश्यक मिट्टी नहीं मिल पा रही।
विज्ञापन
खनन निरीक्षक देशराज सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुुसार माइनिंग प्लान के बिना सेतु निगम को मिट्टी खनन की अनुमति दिया जाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि माइनिंग प्लान से संबंधित कार्रवाई के लिए सेतु निगम को अपने स्तर से प्रयास शुरू करने होंगे। खनिज विभाग शीघ्र अनुमति दिलाने का प्रयास करेगा।