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प्रदेश में एक साल से रक्त परीक्षण के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड

Tue, 01 Aug 2017 11:58 PM IST
Updated Tue, 01 Aug 2017 11:58 PM IST
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प्रदेश में एक साल से रक्त परीक्षण के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड
बिजनौर। प्रदेश में एक साल से रक्त परीक्षण कर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया है। शासन के निर्देश पर वर्ष 2016 में इसी कंपनी की किट प्रदेश के सभी जिलों मेें खरीदी गई। बिजनौर में करीब सात हजार लोगों का किट से रक्त परीक्षण किया गया है। पिछले एक साल से प्रदेश के मरीजों को धोखा दिया जा रहा है।
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भाजपा के रक्त परीक्षण शिविरों में रक्त परीक्षण किट खराब होने का मामला सामने आया है। शासन के निर्देश पर मई 2016 में स्वास्थ्य विभाग ने जिले में रक्त परीक्षण के लिए तीन लाख 81 हजार 500 रुपये की 700 किटें खरीदी थीं। एक किट की कीमत 545 रुपये थी। इन किट की एक्सपाइरी फरवरी 2018 है, लेकिन उससे पहले की यह किट खराब हो गई है। यह 700 किट सभी पीएचसी व सीएचसी को भेजी गई थी। इसके अलावा प्रदेश के करीब सभी जिलों में भी इन्हीं किटों को शासन के निर्देश पर खरीदा गया था। इस किट के परीक्षण के आधार पर ही जरूरतमंदों को रक्त चढ़ाकर उनकी जान से खिलवाड़ हुआ होगा। गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ाने से मरीज की जान भी जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो यह किटें प्रदेश के सभी जिलों में खरीदी गई थी। सीएमओ डा.राकेश मित्तल के मुताबिक सभी पीएचसी व सीएचसी को पत्र भेजकर किट वापस करने के निर्देश दिए हैं उनके स्थान पर दूसरी किटें भेजी जा रही हैं। जांच के लिए किटों को नमूना भेजा जा रहा है।
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एक किट से होती है दस लोगों की जांच
चिकित्सकों के अनुसार एक रक्त परीक्षण किट से करीब दस लोगों की जांच हो जाती है। जिले ने वर्ष 2016 में 700 रक्त परीक्षण किट खरीदी थी, इसके अनुसार करीब सात हजार लोगों को इस किटों से रक्त परीक्षण हुआ होगा।
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सैंपल लेने के लिए औषधि विभाग को पत्र भेजा
भाजपा के रक्त परीक्षण शिविर में किट खराब होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने औषधि विभाग को पत्र भेजकर किटों की सैंपलिंग करने के लिए पत्र भेजा है। औषधि विभाग द्वारा जल्द की किट का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। जांच में फेल होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।


दो से आठ डिग्री के तापमान में रखी जाती है किट
जिला अस्पताल में तैनात डा.संजय शंकर ने बताया कि रक्त परीक्षण किटों को दो से आठ डिग्री तक के तापमान में रखा जाता है। अगर तापमान सही नहीं हो तो किट खराब होने का खतरा रहता है। हो सकता है कि तापमान सहीं नहीं होने के कारण किट खराब हुई हो।
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