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मालन नदी में किया जा रहा 10 मीटर चौड़े तटबंध का निर्माण
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बिजनौर में मालन नदी में अतिक्रमण हटाकर बनाई जा रहा तटबंध।
- फोटो : BIJNOR
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बिजनौर। अभियान यूं ही चलता रहा तो इस बरसात में मालन की धारा में कोई रुकावट नहीं होगी, पानी खुलकर बहते हुए निकल जाएगा। दरअसल अतिक्रमण को साफ कर नदी के दोनों तटों पर पटरी बनाई जा रही है। जिसकी चौड़ाई दस मीटर रखी गई है। ऐसे में तटबंध/पटरी को काटकर फिर से अतिक्रमण कोई भी नहीं कर पाएगा।
शनिवार को भी मालन नदी में अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहा। परियोजना निदेशक ने मालन नदी का दौरा करते हुए किए जा रहे कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने काम पर लगे मजदूरों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। यह भी बताया कि कहीं भी मालन के तट पर बनाई जा रही पटरी की चौड़ाई दस मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। तटबंध के रुप में बनाई जा रही ऊंची पटरी का ढलान दो मीटर तक रखा जाना है।
मालन नदी की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर फसल बो रखी हैं। अमर उजाला नेे अभियान चलाया तो प्रशासन ने कदम ताल मिला दिया। नतीजा ये हुआ कि पिछले दिनों एक बड़ा कार्यक्रम का मालन का अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान छेड़ दिया गया। यह अभियान शनिवार को भी जारी रहा। मजदूर काम पर लगे रहे। जिन्होंने अतिक्रमण हटाते हुए मिट्टी खोदी और तटबंध का रुप दे दिया। अब मालन की चौड़ाई राजस्व अभिलेखों के अनुसार होने लगी है। करीब तीन सौ मीटर तक मालन को अतिक्रमण मुक्त कर लिया गया है।
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जल्द होगा बैठक में मंथन
मालन को लेकर जल्द ही अफसरों की एक बैठक होने जा रही है। जिसमें मालन के अभियान को व्यापक रुप देने के लिए मंथन किया जाएगा। वहीं अधिकारियों से सुझाव भी मांगे जाएंगे। बता दें कि इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों को भी जोड़ लिया गया है। अगली जिम्मेदारी नगर पालिकाओं पर भी डाली जानी है। जिससे किरतपुर और नजीबाबाद पालिका अपना अपना गंदा पानी सीधे मालन में ना गिरने दें। तभी मालन को अविरल और साफ किया जा सकता है।
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शनिवार को भी मालन नदी में अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहा। परियोजना निदेशक ने मालन नदी का दौरा करते हुए किए जा रहे कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने काम पर लगे मजदूरों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। यह भी बताया कि कहीं भी मालन के तट पर बनाई जा रही पटरी की चौड़ाई दस मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। तटबंध के रुप में बनाई जा रही ऊंची पटरी का ढलान दो मीटर तक रखा जाना है।
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मालन नदी की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर फसल बो रखी हैं। अमर उजाला नेे अभियान चलाया तो प्रशासन ने कदम ताल मिला दिया। नतीजा ये हुआ कि पिछले दिनों एक बड़ा कार्यक्रम का मालन का अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान छेड़ दिया गया। यह अभियान शनिवार को भी जारी रहा। मजदूर काम पर लगे रहे। जिन्होंने अतिक्रमण हटाते हुए मिट्टी खोदी और तटबंध का रुप दे दिया। अब मालन की चौड़ाई राजस्व अभिलेखों के अनुसार होने लगी है। करीब तीन सौ मीटर तक मालन को अतिक्रमण मुक्त कर लिया गया है।
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जल्द होगा बैठक में मंथन
मालन को लेकर जल्द ही अफसरों की एक बैठक होने जा रही है। जिसमें मालन के अभियान को व्यापक रुप देने के लिए मंथन किया जाएगा। वहीं अधिकारियों से सुझाव भी मांगे जाएंगे। बता दें कि इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों को भी जोड़ लिया गया है। अगली जिम्मेदारी नगर पालिकाओं पर भी डाली जानी है। जिससे किरतपुर और नजीबाबाद पालिका अपना अपना गंदा पानी सीधे मालन में ना गिरने दें। तभी मालन को अविरल और साफ किया जा सकता है।