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पत्नीहंता पति को आजीवन कारावास
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ज्ञानपुर। अतिरिक्त सत्र न्यायालय के फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने पत्नी की हत्या के दोषी को बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पति के दोनों सगे भाइयों के बयान को आधार बनाते हुए कोर्ट ने फैसला सुनाया।
ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के उमरिया गांव निवासी दिलबहार गिरी का आरोप था कि 15 मई 2018 को सुबह साढ़े सात बजे उसके भाई राजेंद्र गिरी ने अपनी पत्नी रानी गिरी की मूसल से सिर कूंचकर हत्या कर दी। कहा कि इससे घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सने मूसल को बरामद किया था।
पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया, जहां अभियुक्त के दोनों भाइयों ने ही घटना के बारे में बयान दर्ज कराया। वहीं अपने बचाव में आरोपी पति खुद को पागल होने का हवाला देता रहा। लेेकिन, अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि पागलपन ऐसा होना चाहिए, जिसमें व्यक्ति को उसके परिणाम के बारे में न समझ में आए। कहा कि घटना में अभियुक्त ने मूसल से अपनी पत्नी के सिर पर कई बार प्रहार किया, जिससे यह कहा जा सकता है कि उसने यह कार्य पागलपन में नहीं किया। इसके बाद दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश आलोक कुमार यादव की अदालत ने पति को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता पंकज तिवारी ने की।
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ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के उमरिया गांव निवासी दिलबहार गिरी का आरोप था कि 15 मई 2018 को सुबह साढ़े सात बजे उसके भाई राजेंद्र गिरी ने अपनी पत्नी रानी गिरी की मूसल से सिर कूंचकर हत्या कर दी। कहा कि इससे घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सने मूसल को बरामद किया था।
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पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया, जहां अभियुक्त के दोनों भाइयों ने ही घटना के बारे में बयान दर्ज कराया। वहीं अपने बचाव में आरोपी पति खुद को पागल होने का हवाला देता रहा। लेेकिन, अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि पागलपन ऐसा होना चाहिए, जिसमें व्यक्ति को उसके परिणाम के बारे में न समझ में आए। कहा कि घटना में अभियुक्त ने मूसल से अपनी पत्नी के सिर पर कई बार प्रहार किया, जिससे यह कहा जा सकता है कि उसने यह कार्य पागलपन में नहीं किया। इसके बाद दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश आलोक कुमार यादव की अदालत ने पति को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता पंकज तिवारी ने की।
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