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Bhadohi News: खेतों में लहलहाएंगे सफेद, लाल, गुलाबी और पीले गुलाब
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ज्ञानपुर। जिले के उद्यान विभाग की नर्सरी में 30 प्रकार के फूलों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। विभाग इनकी खेती के बारे में किसानों को बताने के साथ-साथ पौधों का वितरण भी करेगा। उद्यान विभाग की ओर से नर्सरी को तैयार करने की प्रक्रिया को शुरू कर दी गई है।
नगर के बालीपुर स्थित उद्यान विभाग कार्यालय के नर्सरी पर करीब 30 प्रकार के फूल के पौधे लहलहा रहे हैं। नर्सरी में गुलाब, सावनी, जेनिया, गुडहल, बेइला आदि के पौधे उपलब्ध हैं। जिसमें गुलाब का पौधा चार रंगों में सफेद, गुलाबी, लाल और हल्का पीला रंग का उपलब्ध है। इसके अलावा गेंदा के फूल पांच प्रकार के उपलब्ध हैं। जिसमें पीला गेंदा, सफेद गेंदा और छोटा, बड़ा गेंदा का फूल है। ये सभी फूल कलरदार गमला में रखा गया है।
उद्यान अधिकारी ममता सिंह ने बताया कि विभिन्न प्रकार के फूलों के पौधे हैं, जबकि अभी और फूल के पौधे मंगाए जाएंगे। जनपद में पांच हेक्टेयर में करीब गेंदा फूल की खेती की जाती है। गिने चुने किसान हैं, जो बिस्वा दो बिस्वा में फूल की खेती करते हैं। बताया कि फूलों को कैसे लगाना है। इसकी रखवाली कैसे करनी है, विभाग से पूरी जानकारी दी जाती है। सबसे अधिक गुलाल और गेंदा के फूल के नर्सरी हैं। गमला के फूल लोग अपने घर के दरवाजा पर रखकर शोभा बढ़ा सकते हैं। उद्यान विभाग से फूल की खेती पर सब्सिडी भी दी जाती है।
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नगर के बालीपुर स्थित उद्यान विभाग कार्यालय के नर्सरी पर करीब 30 प्रकार के फूल के पौधे लहलहा रहे हैं। नर्सरी में गुलाब, सावनी, जेनिया, गुडहल, बेइला आदि के पौधे उपलब्ध हैं। जिसमें गुलाब का पौधा चार रंगों में सफेद, गुलाबी, लाल और हल्का पीला रंग का उपलब्ध है। इसके अलावा गेंदा के फूल पांच प्रकार के उपलब्ध हैं। जिसमें पीला गेंदा, सफेद गेंदा और छोटा, बड़ा गेंदा का फूल है। ये सभी फूल कलरदार गमला में रखा गया है।
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उद्यान अधिकारी ममता सिंह ने बताया कि विभिन्न प्रकार के फूलों के पौधे हैं, जबकि अभी और फूल के पौधे मंगाए जाएंगे। जनपद में पांच हेक्टेयर में करीब गेंदा फूल की खेती की जाती है। गिने चुने किसान हैं, जो बिस्वा दो बिस्वा में फूल की खेती करते हैं। बताया कि फूलों को कैसे लगाना है। इसकी रखवाली कैसे करनी है, विभाग से पूरी जानकारी दी जाती है। सबसे अधिक गुलाल और गेंदा के फूल के नर्सरी हैं। गमला के फूल लोग अपने घर के दरवाजा पर रखकर शोभा बढ़ा सकते हैं। उद्यान विभाग से फूल की खेती पर सब्सिडी भी दी जाती है।
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