Water Wastage : NOC लिए बगैर भूगर्भ से नहीं निकाल सकेंगे जल, अब नहीं चलेगी मनमानी...; जान लें नियम
पानी दोहन को लेकर भूगर्भ जल विभाग अब सख्ती बरतेगा। गर्मी में जल संकट को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। भदोही में स्टेज ऑफ ग्राउंड वाटर एक्सट्रैक्शन काफी बढ़ गया है। यह चिंता का विषय है।
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Water Problem in India : जिले में अब भूगर्भ से नलकूप, पंपसेट व सबमर्सिबल पंप लगाकर जल निकालना व उसका उपयोग और दोहन करना आसान नहीं होगा।
औद्योगिक प्रतिष्ठानों-फैक्ट्री, होटल, ढाबा, मैरिज हॉल, अस्पताल, आर प्लांट या अन्य व्यवसायिक उपयोग करने वालों तक के लिए बोरिंग कराने से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना होगा। भूगर्भ जल विभाग इसे लेकर अब सख्त हो गई है। एनओसी न लेने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
भूगर्भ जल के हो रहे अंधाधुंध दोहन से गहराते जल संकट को देखते हुए उत्तर प्रदेश भूजल प्रबंधन एवं विनियम अधिनियम वर्ष 2019 से प्रदेश में प्रभावी है। इसके अंतर्गत चाहे डार्क जोन हो या फिर सेफ जोन, व्यवसायिक उपयोग वाले किसी भी भवन, प्रतिष्ठान में बोरिंग कराने पर भूगर्भ जल विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य किया गया है।
कालीन संस्थान हों, डाइंग प्लांट, अस्पताल, होटल-ढाबों से लेकर छोटे बड़े हजारों व्यवसायिक संस्थान चल रहे हैं। शासन ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। जिले में हजारों औद्योगिक संस्थान व प्रतिष्ठान चल रहे हैं। जहां बोरिंग कराकर पानी का मनमाना उपयोग हो रहा है। वहीं एनओसी लेने की बात हो तो केवल 40 उपभोक्ता हैं। केवल 30 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है।
बनाए गए नियम
विभाग की ओर से औद्योगिक इकाइयां, किसी तरह के व्यवसायिक संस्थान, प्रतिष्ठान के लिए एनओसी प्राप्त करने के लिए आवेदन शुल्क पांच हजार रुपये निर्धारित है, जो पांच साल के लिए मान्य होती है। वहीं घरेलू व कृषि उपयोग के लिए बोरिंग का रजिस्ट्रेशन निशुल्क होगा। अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन यूपी जी डब्ल्यूडी ऑनलाइन डाट इन या निवेश मित्रा पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है।
स्टेज ऑफ ग्राउंड वाटर एक्सट्रैक्शन 79 फीसदी पहुंचा
जिले में एक साल में स्टेज ऑफ ग्राउंड वाटर एक्सट्रैक्शन 64 फीसदी से बढ़कर 79 फीसदी तक पहुंच गया है। अगर इस दर से देखा जाए तो अगले साल भदोही जनपद को डार्क जोन घोषित कर दिया जाएगा। जनपद में पांच हजार से 10 लाख लीटर प्रतिदिन पानी निकालने वाली कंपनियां भूजल दोहन कर रहीं हैं।
बोले अधिकारी
विभाग की ओर से औद्योगिक इकाइयों से लेकर सभी तरह के व्यावसायिक संस्थानों को पत्र जारी कर सचेत किया गया है। जो भी प्रतिष्ठान, संस्थान बगैर एनओसी लिए भूजल का दोहन कर रहे हैं अथवा करेंगे, उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश भूजल प्रबंधन एवं विनियम अधिनियम 2019 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाएगी। - स्वप्निल कुमार, वरिष्ठ भू-भौतिकविद, भूगर्भ जल विभाग, मंडल मिर्जापुर।