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Bhadohi News: विश्व के साथ चलने के लिए कालीन उत्पादन में तकनीक का इस्तेमाल जरूरी
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भदोही। विश्व में हर क्षेत्र में तेजी से तकनीकीकरण हो रहा है। हमारे कालीन विश्व में सबसे सुंदर और कलात्मक माने जाते हैं। ऐसे में हमें अब कालीनों के उत्पादन में तकनीकीरण की ओर बढ़ना चाहिए। ये बातें केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के संयुक्त सचिव अजय गुप्ता ने कही।
वे शुक्रवार को भदोही कारपेट एक्सपो मार्ट में इंडियन टेक्निकल टेक्सटाइल एसोसिएशन (आईटीटीए) की ओर से भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के सहयोग से आयोजित होमटेक कान्क्लेव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
आईटीटीए के चेयरमैन अविनाश मिश्रा ने बताया कि भारत में वस्त्र उद्योग का एकमात्र संघ है।
वर्ष 2010 में आईटीटीए का गठन हुआ। इसमे केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय से व्यापक सहयोग मिला। हमारा उद्देश्य कालीन, कपड़ों के उत्पादन, खपत और निर्यात में जहां तक संभव हो सके तकनीक का समावेश बढ़े।
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ऐसा करने से आने वाले दिनों में भारत एक बड़ा निर्यातक देश बन सकता है। बताया मौजूदा समय में आईटीटीए के 400 सदस्य हैं, जिनमें यूरोपीय संघ और जापान के सदस्य शामिल हैं। उन्हें हम कच्चे माल से लेकर तैयार माल उत्पादन, मशीनरी निर्माताओं, सलाहकारों, उत्कृष्टता केंद्रों और अनुसंधान तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराते हैं।
मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी ने तकनीक की दिशा में कदम बढ़ाने का कालीन उद्यमियों को सुझाव दिया। कार्यक्रम में सुमित भौमिक, योगेश गर्ग, अमर सुर्वे ने किन तकनीक में सहयोग लिया जा सकता उस पर प्रेजेंटेशन दिया और हर तरह से सहयोग के लिए आश्वास्त किया।
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वे शुक्रवार को भदोही कारपेट एक्सपो मार्ट में इंडियन टेक्निकल टेक्सटाइल एसोसिएशन (आईटीटीए) की ओर से भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के सहयोग से आयोजित होमटेक कान्क्लेव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
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आईटीटीए के चेयरमैन अविनाश मिश्रा ने बताया कि भारत में वस्त्र उद्योग का एकमात्र संघ है।
वर्ष 2010 में आईटीटीए का गठन हुआ। इसमे केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय से व्यापक सहयोग मिला। हमारा उद्देश्य कालीन, कपड़ों के उत्पादन, खपत और निर्यात में जहां तक संभव हो सके तकनीक का समावेश बढ़े।
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ऐसा करने से आने वाले दिनों में भारत एक बड़ा निर्यातक देश बन सकता है। बताया मौजूदा समय में आईटीटीए के 400 सदस्य हैं, जिनमें यूरोपीय संघ और जापान के सदस्य शामिल हैं। उन्हें हम कच्चे माल से लेकर तैयार माल उत्पादन, मशीनरी निर्माताओं, सलाहकारों, उत्कृष्टता केंद्रों और अनुसंधान तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराते हैं।
मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी ने तकनीक की दिशा में कदम बढ़ाने का कालीन उद्यमियों को सुझाव दिया। कार्यक्रम में सुमित भौमिक, योगेश गर्ग, अमर सुर्वे ने किन तकनीक में सहयोग लिया जा सकता उस पर प्रेजेंटेशन दिया और हर तरह से सहयोग के लिए आश्वास्त किया।