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जटिल होती यातायात समस्या
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भदोही। भदोही के जर्जर सड़कों का संज्ञान नहीं लेने से नगर की यातायात समस्या जलिट होती जा रही है। हाल यह है भदोही से मिर्जापुर, जौनपुर की ओर जाने के साथ साथ चौरी की ओर से भदोही आने के रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं। लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन के संज्ञान नहीं लेने से बाहर से आ रहे वाहनों के साथ साथ नगरवासियों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। हाल यह है कि इंदिरा मिल चौराहा, रेवड़ापरसपुर रेलवे फाटक और धौरहरा पुल से वाहन रेंगने को मजबूर हैं। यह स्थिति महीनों से है, लेकिन गत एक पखवारे से समस्या बेहद जटिल हो गई है।
मोरवा पुल में पड़ी दरारें
एक सप्ताह पूर्व भदोही - चौरी मार्ग के मोरवा पुल के पहुंच मार्ग पर बड़ी बड़ दरारें देखी गई। लोगों के दुर्घटना की आशंका जताने के बाद जिला प्रशासन जागा। एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा और सीओ भूषण वर्मा ने मौका मुआयना किया और दरार वाले हिस्से की बैरी केडिंग कर एक वाहन के आने जाने का रास्ता छोड़ दिया। तब से लेकर आज तक उक्त पुल पर वाहनों की कतार लगी रहती है, जिस पर वाहन धीरे धीरे केवल रेंगते रहते हैं। चौरी रोड शारदापुरी के कालीन निर्यातक काशीनाथ यादव ने कहा यदि रास्ते को मरम्म्त हो रहा होता तो हम लोगों को संतोष हो जाता, लेकिन प्रश्न यह है कि रास्ते को वैसे ही छोड़ दिया गया है। ऐसा कब तक रहेगा जनता जानना चाहती है।
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सर्विस लेन नदारद, तीन दिन से बाधित है मार्ग
इंदिरा मिल चौराहे पर निर्मित रेलवे ओवर ब्रिज बनाकर सर्विस लेन का निर्माण नहीं किया गया। मार्ग पर भारी वाहनों के आने जाने से छह महीने पूर्व सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। वहां दुर्घटनाएं हो रहीं हैं। वाहन पलट रहे हैं। आम आदमी आने जाने से कतरा रहा है। सर्विस लेन के आसपास के दुकानदारों का धंधा चौपट हो चुका है। लेकिन, इस ओर अब तक प्रशासन का ध्यान नहीं है। इस बारे में जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद से कई बार शिकायत की गई। कई बार उद्योग बंधु की बैठक में मामला उठा हर बार समय देकर मामले को रफा दफा कर दिया गया, लेकिन सड़क के गड्ढे तक नहीं पाटे जा सके। एक पखवारा पूर्व बड़ी मुश्किल से डीएम के आदेश पर गड्ढों को भरने के निर्देश पर अधिकारियों ने वहां ईंटे गिरा कर गड्ढे भरे लेकिन फिर भी गड्ढे भरे नहीं जा सके हैं। जानकारी मिली है कि लोकनिर्माण विभाग राज्य सेतु निगम की जिम्मेदारी बता कर पूरी तरह से पल्ला झाड़ चुका है। सेतु निगम भी खुद को असहाय बता रहा है। गुरूवार को स्थिति यह थी कि इंदिरा मिल चौराहे से एक भी वाहन जौनपुर की ओर नहीं जा पा रहे थे।
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धौरहरा पुल से एक एक कर गुजरते हैं वाहन
भदोही-जौनपुर सीमा पर धौरहरा पुल जर्जर हो चुका है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पुल कभी भी खतरा बन सकता है। आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चर्स एसोसिएशन (एकमा) पदाधिकारियों द्वारा बार बार जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराने के बाद नए पुल का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। शासन से इसके लिए धन भी आवंटित हो चुका है लेकिन तब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से वाहनों का आवागमन प्रभावित है।
एकमा के पूर्व उपाध्यक्ष शिव सागर तिवारी ने बताया कि पुल 100 साल पुराना हो चुका है। सिंगल लेन होने से इस पर एक बार में केवल एक वाहन आ-जा सकते हैं। इसके चलते पुल के दोनो ओर वाहनों की कतारें लगी रहती हैं। हाल यह है कि लोगों को जौनपुर जाना हो अथवा जौनपुर से आ रहे हों तो घंटों जाम में फंसे रहते हैं। तिवारी ने कहा कि लोगों को यही संतोश है कि नए पुल के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल चुकी है।
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जगह-जगह धंस चुका है रेवड़ा मार्ग
जाम का आलम यह है कि यह समस्या धीरे धीरे शहर की ओर बढ़ रही है। नगर के रेवड़ापरसपुर रेलवे फाटक भी जाम की चपेट में है। कालीन निर्यातक हाजी अब्दुल सत्तार अंसारी ने बताया कि वाराणसी की ओर से आने वाले वाहन, जिन्हें जौनपुर जाना हो, वे रेवड़ापरसपुर रेलवे फाटक से रामरायपुर रेलवे ओवर ब्रिज से होते हुए जौनपुर की ओर जा रहे हैं। उन्होंने इसे कालीन नगरी के लिए बड़ी विडंबना करार दिया और कहा कि वर्तमान में शहरी की सभी सड़कें दुर्दशाग्रस्त हैं। आम शहरियों को भी बाइक से आने जाने में दिक्कत हो रही है। विशेष बात यह है कि इस ओर जिला प्रशासन का ध्यान बार बार दिलाए जाने के बाद भी समस्या का संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
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मोरवा पुल में पड़ी दरारें
एक सप्ताह पूर्व भदोही - चौरी मार्ग के मोरवा पुल के पहुंच मार्ग पर बड़ी बड़ दरारें देखी गई। लोगों के दुर्घटना की आशंका जताने के बाद जिला प्रशासन जागा। एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा और सीओ भूषण वर्मा ने मौका मुआयना किया और दरार वाले हिस्से की बैरी केडिंग कर एक वाहन के आने जाने का रास्ता छोड़ दिया। तब से लेकर आज तक उक्त पुल पर वाहनों की कतार लगी रहती है, जिस पर वाहन धीरे धीरे केवल रेंगते रहते हैं। चौरी रोड शारदापुरी के कालीन निर्यातक काशीनाथ यादव ने कहा यदि रास्ते को मरम्म्त हो रहा होता तो हम लोगों को संतोष हो जाता, लेकिन प्रश्न यह है कि रास्ते को वैसे ही छोड़ दिया गया है। ऐसा कब तक रहेगा जनता जानना चाहती है।
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सर्विस लेन नदारद, तीन दिन से बाधित है मार्ग
इंदिरा मिल चौराहे पर निर्मित रेलवे ओवर ब्रिज बनाकर सर्विस लेन का निर्माण नहीं किया गया। मार्ग पर भारी वाहनों के आने जाने से छह महीने पूर्व सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। वहां दुर्घटनाएं हो रहीं हैं। वाहन पलट रहे हैं। आम आदमी आने जाने से कतरा रहा है। सर्विस लेन के आसपास के दुकानदारों का धंधा चौपट हो चुका है। लेकिन, इस ओर अब तक प्रशासन का ध्यान नहीं है। इस बारे में जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद से कई बार शिकायत की गई। कई बार उद्योग बंधु की बैठक में मामला उठा हर बार समय देकर मामले को रफा दफा कर दिया गया, लेकिन सड़क के गड्ढे तक नहीं पाटे जा सके। एक पखवारा पूर्व बड़ी मुश्किल से डीएम के आदेश पर गड्ढों को भरने के निर्देश पर अधिकारियों ने वहां ईंटे गिरा कर गड्ढे भरे लेकिन फिर भी गड्ढे भरे नहीं जा सके हैं। जानकारी मिली है कि लोकनिर्माण विभाग राज्य सेतु निगम की जिम्मेदारी बता कर पूरी तरह से पल्ला झाड़ चुका है। सेतु निगम भी खुद को असहाय बता रहा है। गुरूवार को स्थिति यह थी कि इंदिरा मिल चौराहे से एक भी वाहन जौनपुर की ओर नहीं जा पा रहे थे।
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धौरहरा पुल से एक एक कर गुजरते हैं वाहन
भदोही-जौनपुर सीमा पर धौरहरा पुल जर्जर हो चुका है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पुल कभी भी खतरा बन सकता है। आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चर्स एसोसिएशन (एकमा) पदाधिकारियों द्वारा बार बार जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराने के बाद नए पुल का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। शासन से इसके लिए धन भी आवंटित हो चुका है लेकिन तब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से वाहनों का आवागमन प्रभावित है।
एकमा के पूर्व उपाध्यक्ष शिव सागर तिवारी ने बताया कि पुल 100 साल पुराना हो चुका है। सिंगल लेन होने से इस पर एक बार में केवल एक वाहन आ-जा सकते हैं। इसके चलते पुल के दोनो ओर वाहनों की कतारें लगी रहती हैं। हाल यह है कि लोगों को जौनपुर जाना हो अथवा जौनपुर से आ रहे हों तो घंटों जाम में फंसे रहते हैं। तिवारी ने कहा कि लोगों को यही संतोश है कि नए पुल के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल चुकी है।
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जगह-जगह धंस चुका है रेवड़ा मार्ग
जाम का आलम यह है कि यह समस्या धीरे धीरे शहर की ओर बढ़ रही है। नगर के रेवड़ापरसपुर रेलवे फाटक भी जाम की चपेट में है। कालीन निर्यातक हाजी अब्दुल सत्तार अंसारी ने बताया कि वाराणसी की ओर से आने वाले वाहन, जिन्हें जौनपुर जाना हो, वे रेवड़ापरसपुर रेलवे फाटक से रामरायपुर रेलवे ओवर ब्रिज से होते हुए जौनपुर की ओर जा रहे हैं। उन्होंने इसे कालीन नगरी के लिए बड़ी विडंबना करार दिया और कहा कि वर्तमान में शहरी की सभी सड़कें दुर्दशाग्रस्त हैं। आम शहरियों को भी बाइक से आने जाने में दिक्कत हो रही है। विशेष बात यह है कि इस ओर जिला प्रशासन का ध्यान बार बार दिलाए जाने के बाद भी समस्या का संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।