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निर्माण की धीमी गति को लेकर दुकानदारों में रोष
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नगर के मध्य अहमदगंज गजिया में रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण की धीमी गति को लेकर दुकानदारों में रोष है। इस ओवर ब्रिज से लगभग 100 दुकानदारों की रोजी रोटी प्रभावित हुई है। पहले उन्हें लगता था कि दो वर्ष में ओवर ब्रिज बन जाएगा और उनकी दुकानदारी पटरी पर आ जाएगी लेकिन जिस प्रकार से निर्माण का यह सातवां वर्ष है उससे दुकानदारों को हो रहे नुकसान का आंकलन किया जा सकता है। दुकानदारों ने पहले सर्विस लेन का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि गजिया बाजार की रौनक लौटे।
गजिया रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण शुरू हुए सात वर्ष हो चुके हैं। रेलवे फाटक समेत रास्ता बंद किए पांच वर्ष हो चुके हैं। इस दौरान गजिया बाजार की ओर ना तो कोई वाहन आता जाता है ना ही कोई बाइक, लेकिन काफी दुकानदार अपना पुश्तैनी दुकान छोड़ना नहीं चाहते थे इसलिए यहीं रह गए। हार्डवेयर के दुकानदार पीयूष बरनवाल का कहना है कि रास्ता खुला होता तो ग्राहक आते। रास्ता बंद होने से सुबह से लेकर शाम तक सियापा छाया रहता है। कुछ लोग पैदल आते जाते हैं। इससे गजिया बाजार के दुकानदार वर्षों पीछे ढकेल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से निर्माण कार्य हो रहा है उससे तो एक वर्ष और लग सकता है। ऐसे में हम लोगों की मांग है कि डीएम पहले सर्विस लेन का निर्माण करा दें ताकि आवागमन बहाल हो जाए। दुकानदार गणेश गुप्ता ने कहा यदि सर्विस लेन बन जाए और उधर से आवागमन शुरू हो जाए तो ब्रिज का काम धीरे धीरे होता रहेगा। हमें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से 4-5 मजदूरों से काम कराया जा रहा है उससे निर्माण पूरा होने में एक वर्ष और लग सकते हैं। दुकानदारों ने कहा कि हम लोग शीघ्र ही कलेक्ट्रेट में डीएम से मिल कर उनसे अपने व्यवसाय की दुहाई देकर पहले सर्विस लेन बनवाने की मांग करेंगे।
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गजिया रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण शुरू हुए सात वर्ष हो चुके हैं। रेलवे फाटक समेत रास्ता बंद किए पांच वर्ष हो चुके हैं। इस दौरान गजिया बाजार की ओर ना तो कोई वाहन आता जाता है ना ही कोई बाइक, लेकिन काफी दुकानदार अपना पुश्तैनी दुकान छोड़ना नहीं चाहते थे इसलिए यहीं रह गए। हार्डवेयर के दुकानदार पीयूष बरनवाल का कहना है कि रास्ता खुला होता तो ग्राहक आते। रास्ता बंद होने से सुबह से लेकर शाम तक सियापा छाया रहता है। कुछ लोग पैदल आते जाते हैं। इससे गजिया बाजार के दुकानदार वर्षों पीछे ढकेल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से निर्माण कार्य हो रहा है उससे तो एक वर्ष और लग सकता है। ऐसे में हम लोगों की मांग है कि डीएम पहले सर्विस लेन का निर्माण करा दें ताकि आवागमन बहाल हो जाए। दुकानदार गणेश गुप्ता ने कहा यदि सर्विस लेन बन जाए और उधर से आवागमन शुरू हो जाए तो ब्रिज का काम धीरे धीरे होता रहेगा। हमें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से 4-5 मजदूरों से काम कराया जा रहा है उससे निर्माण पूरा होने में एक वर्ष और लग सकते हैं। दुकानदारों ने कहा कि हम लोग शीघ्र ही कलेक्ट्रेट में डीएम से मिल कर उनसे अपने व्यवसाय की दुहाई देकर पहले सर्विस लेन बनवाने की मांग करेंगे।
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