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Bhadohi News: एमए-बीएड अभ्यर्थी को भी चाहिए ईसीसीई एजुकेटर की नौकरी
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ज्ञानपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों के नौनिहालों को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के लिए नियुक्त एजुकेटरों के दस्तावेज का सत्यापन चल रहा है। इसमें पीजी, डीएलएड और बीएड के अभ्यर्थी भी पहुंचे है। 70 पदों के लिए कुल 1650 आवेदन आए हैं। जिसमें 50 की नियुक्ति हो चुकी है।
इसमें 12 एमए, आठ बीएड और 10 बीटीसी अभ्यर्थी का चयन हो चुका है। जिले में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के बेहतर संचालन के लिए अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन एजुकेटर (ईसीसीई) रखे जा रहे हैं। इनका मुख्य कार्य बाल वाटिका संचालन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद करना और बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना होता है। इसके लिए जिले में 70 पद हैं। जिसके लिए 1650 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
रेंडमाइजेशन के माध्यम से अब तक दो चरणों में करीब 45 पदों पर नियुक्ति पूरी हो चुकी है जबकि शेष पदों के लिए रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया चल रही है। ईसीसीई एजुकेटर के लिए पात्रता मापदंड के अनुसार आवेदक का गृह विज्ञान से स्नातक होना अनिवार्य है। साथ ही एनटीटी (नर्सरी टीचर ट्रेनिंग), सीटी (नर्सरी) या डीपीएसई (डिप्लोमा इन प्री-एजुकेशन ) में से कोई भी दो साल का डिप्लोमा होना चाहिए। बेसिक शिक्षा विभाग में चल रहे सत्यापन एवं नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आए आवेदनों में 20 फीसदी अभ्यर्थियों ने डीएलएड या बीएड जैसी शिक्षक प्रशिक्षण डिग्रियां हासिल की हैं।
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जौनपुर के चकमलाई की संगीता ने बताया कि तीन साल पूर्व बीएड की डिग्री पूरी हुई। शिक्षक भर्ती न आने से अभी बेरोजगार हूं। आवेदन किया जिसमें चयन हो गया है।
अभोली के दशवतपुर की खूशबू एमए तक पढ़ी हैं। ईसीसीई एजुकेटर के लिए आवेदन किया है। अभी रैंडमाइजेशन में नाम आने का इंतजार है।
को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रो पर बच्चों को पढ़ाने के लिए एजुकेटर रखे जा रहे हैं। 70 पदों के लिए 1650 आवेदन आए हैं। रैंडमाइजेशन के माध्यम से चयन किया जा रहा है। -शिवम पांडेय, बीएसए
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इसमें 12 एमए, आठ बीएड और 10 बीटीसी अभ्यर्थी का चयन हो चुका है। जिले में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के बेहतर संचालन के लिए अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन एजुकेटर (ईसीसीई) रखे जा रहे हैं। इनका मुख्य कार्य बाल वाटिका संचालन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद करना और बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना होता है। इसके लिए जिले में 70 पद हैं। जिसके लिए 1650 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
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रेंडमाइजेशन के माध्यम से अब तक दो चरणों में करीब 45 पदों पर नियुक्ति पूरी हो चुकी है जबकि शेष पदों के लिए रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया चल रही है। ईसीसीई एजुकेटर के लिए पात्रता मापदंड के अनुसार आवेदक का गृह विज्ञान से स्नातक होना अनिवार्य है। साथ ही एनटीटी (नर्सरी टीचर ट्रेनिंग), सीटी (नर्सरी) या डीपीएसई (डिप्लोमा इन प्री-एजुकेशन ) में से कोई भी दो साल का डिप्लोमा होना चाहिए। बेसिक शिक्षा विभाग में चल रहे सत्यापन एवं नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आए आवेदनों में 20 फीसदी अभ्यर्थियों ने डीएलएड या बीएड जैसी शिक्षक प्रशिक्षण डिग्रियां हासिल की हैं।
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जौनपुर के चकमलाई की संगीता ने बताया कि तीन साल पूर्व बीएड की डिग्री पूरी हुई। शिक्षक भर्ती न आने से अभी बेरोजगार हूं। आवेदन किया जिसमें चयन हो गया है।
अभोली के दशवतपुर की खूशबू एमए तक पढ़ी हैं। ईसीसीई एजुकेटर के लिए आवेदन किया है। अभी रैंडमाइजेशन में नाम आने का इंतजार है।
को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रो पर बच्चों को पढ़ाने के लिए एजुकेटर रखे जा रहे हैं। 70 पदों के लिए 1650 आवेदन आए हैं। रैंडमाइजेशन के माध्यम से चयन किया जा रहा है। -शिवम पांडेय, बीएसए