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Bhadohi News: अबकी दगा दे गया प्री मॉनसून, सात साल का टूटा रिकॉर्ड
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ज्ञानपुर। भीषण गर्मी के बीच जिले में इस बार प्री मॉनसून दगा दे दिया। बीते सालों में पहली बार ऐसा हुआ है कि मई के साथ 15 जून तक जीरो एमएम बारिश हुई है। हर साल मई और 15 जून तक अच्छी बारिश होती थी। बीते सात सालों के आंकड़ों को देखे तो हर साल मई का औसतन बारिश 20 से 22 एमएम है। प्री मॉनसून के दगा देने के बाद से किसानों की चिंताए और बढ़ गई हैं। मौसम के जानकारों के अनुसार जिले में 21 जून तक मॉनसून के दस्तक देने की उम्मीद है।
प्री मॉनसून न आने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे हैं, मॉनसून के इंतजार में किसान बैठे हुए हैं। बीते सात सालों में मई से 15 जून तक अच्छी बारिश होती थी, लेकिन इस साल रिकॉर्ड है कि डेढ़ महीनों के बीच जीरो एमएम बारिश हुई है। हालांकि कई बार ऐसा हुआ कि बादल उमड़ घुमड़ कर आए और चले गए। बारिश न होने से अधिकांश किसान खेतों की जुताई नहीं करा सके हैं। जब प्री मॉनसून आता था, उसी दौरान किसान खेतों की जुताई कराकर छोड़ देते थे। जिससे खेत की उर्वरा शक्ति मजबूत होती थी। धान की रोपाई के समय खेत में ज्यादातर खरपतवार नहीं होते थे। इससे पैदावार बेहतर होती थी। इस साल बारिश न होने से किसान खाली खेतों की जोताई नहीं करा सके हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के सर्वेश बरनवाल ने बताया कि इस साल प्री मॉनसून न आने से गर्मी अधिक हो रही है। प्री मॉनसून आने के बाद गर्मी से हल्की राहत मिलती थी। हालांकि 21 जून तक मॉनसून दस्तक दे सकता है।
इनसेट:
बीते सात सालों बारिश
साल बारिश
2018 - 17 एमएम
2019 - 21 एमएम
2020 - 48.3 एमएम
2021 - 163 एमएम
2022 - 7 एमएम
2023 - 16.5 एमएम
2024 - 00 एमएम
नोट- मई में प्री मॉनसून बारिश की स्थिति
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प्री मॉनसून न आने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे हैं, मॉनसून के इंतजार में किसान बैठे हुए हैं। बीते सात सालों में मई से 15 जून तक अच्छी बारिश होती थी, लेकिन इस साल रिकॉर्ड है कि डेढ़ महीनों के बीच जीरो एमएम बारिश हुई है। हालांकि कई बार ऐसा हुआ कि बादल उमड़ घुमड़ कर आए और चले गए। बारिश न होने से अधिकांश किसान खेतों की जुताई नहीं करा सके हैं। जब प्री मॉनसून आता था, उसी दौरान किसान खेतों की जुताई कराकर छोड़ देते थे। जिससे खेत की उर्वरा शक्ति मजबूत होती थी। धान की रोपाई के समय खेत में ज्यादातर खरपतवार नहीं होते थे। इससे पैदावार बेहतर होती थी। इस साल बारिश न होने से किसान खाली खेतों की जोताई नहीं करा सके हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के सर्वेश बरनवाल ने बताया कि इस साल प्री मॉनसून न आने से गर्मी अधिक हो रही है। प्री मॉनसून आने के बाद गर्मी से हल्की राहत मिलती थी। हालांकि 21 जून तक मॉनसून दस्तक दे सकता है।
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इनसेट:
बीते सात सालों बारिश
साल बारिश
2018 - 17 एमएम
2019 - 21 एमएम
2020 - 48.3 एमएम
2021 - 163 एमएम
2022 - 7 एमएम
2023 - 16.5 एमएम
2024 - 00 एमएम
नोट- मई में प्री मॉनसून बारिश की स्थिति
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