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Bhadohi News: कालीन नगरी में नहीं हैं कॉर्डियोलाजिस्ट, कैसे हो दिल के मरीजों का उपचार

Fri, 29 Sep 2023 12:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Sep 2023 12:12 AM IST
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There is no cardiologist in carpet city, how should heart patients be treated?
ज्ञानपुर। सरकार भले ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत इससे जुदा है। कालीन नगरी में एक भी कॉर्डियोंलाजिस्ट के चिकित्सक नहीं हैं। बदलते जीवन शैली के बीच तेजी से हार्ट के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए हर साल 29 सिंतबर को विश्व ह्दय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसदिन लोगों को बीमारी के प्रति जागरुक किया जाता है।
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जिले में महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्साल, सौ शैय्या चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय के अलावा सुरियावां, भदोही, डीघ, औराई, दुर्गागंज और गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की सुविधा है। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर हर दिन 2000 से 2500 मरीजों की ओपीडी होती है, लेकिनपूरे जिले में एक भी कॉर्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में हृदय रोग से संबंधी मरीजों का कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है। चिकित्सालय में पहुंचने वाले हृदय रोग संबंधी मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद विशेषज्ञ चिकित्सक न होने की स्थिति में रेफर कर दिया जाता है। आज के दौर में कम उम्र में भी बच्चे दिल की बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं, जबकि दो दशक पूर्व सिर्फ उम्रदराज ही हार्ट जैसी बीमारी की चपेट में आते थे। बदलते जीवन शैली के बीच यह बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। हार्ट के चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को प्रयागराज, वाराणसी सहित अन्य जनपदों का रुख करना पड़ता है। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार और भदोही एमबीएस के सीएमएस डा. संजय तिवारी ने बताया कि यहां पर एक भी कॉडियोलाॅजिस्ट नहीं है। यदि हार्ट के कोई मरीज आते हैं। उसे प्राथमिक उपचार के बाद अन्यत्र अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। हालांकि इस दिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
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दिल के मरीज को जरूरी होती है त्वरित उपचार
ज्ञानपुर। चिकित्सकों के अनुसार दिल का दौरा पड़ने के बाद हर मिनट अधिक हृदय ऊतक घायल होते हैं या मर जाते हैं। रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन के स्तर को बहाल करने के लिए तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है। दिल के दौरे के उपचार का प्रकार इस बात पर निर्भर करता है कि रक्त प्रवाह आंशिक रूप से अवरुद्ध है या पूरी तरह से अवरुद्ध है। ऐसे में अगर उन्हें त्वरित उपचार मिलता है तो जान बचने की संभावना बनी रहती है।
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बीमारी से बचें, बरतें सावधानी:
- नियमित रूप से व्यायाम करें।

- तनाव मुक्त रहें, देर रात तक न जागें
- संतुलित भोजन करें।
- धुम्रपान व तंबाकू का सेवन करने से बचे।
- हरी सब्जी व ताजे फल खाएं
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