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Bhadohi News: 150 स्कूलों, 82 अस्पतालों में चहारदीवारी नहीं, घूमते हैं कुत्ते
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ज्ञानपुर जिला अस्पताल में टहल रहे आवारा कुत्ते। संवाद
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और बस स्टैंड परिसर में आवारा कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराना अफसरों के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले के 150 से ज्यादा सरकारी स्कूलों और 82 स्वास्थ्य केंद्रों में चहारदीवारी तक नहीं है। बिना चहारदीवारी वाले स्कूलाें और अस्पतालों में कुत्तों की नो एंट्री मुश्किल है। हकीकत यह है कि महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर और एमबीएस भदोही आदि राजकीय अस्पतालों में चहारदीवारी होने के बाद भी आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। कई निजी स्कूलों और क्लीनिक को जोड़ दिया जाए तो जिले में 500 से अधिक परिसर बिना चहारदीवारी के हैं।
सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, परिवहन के विकास पर विशेष ध्यान देती है। करोड़ों खर्च होने के बाद भी जिले में कई स्कूल अस्पताल के परिसर में चहारदीवारी नहीं बनाई गई। आवारा कुत्ते दिनभर स्कूल और अस्पताल में घूमते रहते हैं।
कई बार कुत्ते लोगों को काट भी लेते हैं। सबसे अधिक दिक्कत सीमावर्ती एवं वीरान में बने स्कूलों और अस्पतालों में है। यहां दिनभर आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। जिले में अभी तक बेसिक शिक्षा परिषद के 885 में से 137 विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं बन सकी है।
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करीब 15 से अधिक माध्यमिक विद्यालय बिना चहारदीवारी के हैं। इसी तरह 260 में से 82 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में चहारदीवारी नहीं बनाई गई है। सीएचसी गोपीगंज, दुर्गागंज, सुरियावां समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रो में सुबह से शाम तक आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां कुत्तों से मरीज डरे-सहमे रहते हैं।
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जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराना अफसरों के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले के 150 से ज्यादा सरकारी स्कूलों और 82 स्वास्थ्य केंद्रों में चहारदीवारी तक नहीं है। बिना चहारदीवारी वाले स्कूलाें और अस्पतालों में कुत्तों की नो एंट्री मुश्किल है। हकीकत यह है कि महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर और एमबीएस भदोही आदि राजकीय अस्पतालों में चहारदीवारी होने के बाद भी आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। कई निजी स्कूलों और क्लीनिक को जोड़ दिया जाए तो जिले में 500 से अधिक परिसर बिना चहारदीवारी के हैं।
सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, परिवहन के विकास पर विशेष ध्यान देती है। करोड़ों खर्च होने के बाद भी जिले में कई स्कूल अस्पताल के परिसर में चहारदीवारी नहीं बनाई गई। आवारा कुत्ते दिनभर स्कूल और अस्पताल में घूमते रहते हैं।
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कई बार कुत्ते लोगों को काट भी लेते हैं। सबसे अधिक दिक्कत सीमावर्ती एवं वीरान में बने स्कूलों और अस्पतालों में है। यहां दिनभर आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। जिले में अभी तक बेसिक शिक्षा परिषद के 885 में से 137 विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं बन सकी है।
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करीब 15 से अधिक माध्यमिक विद्यालय बिना चहारदीवारी के हैं। इसी तरह 260 में से 82 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में चहारदीवारी नहीं बनाई गई है। सीएचसी गोपीगंज, दुर्गागंज, सुरियावां समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रो में सुबह से शाम तक आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां कुत्तों से मरीज डरे-सहमे रहते हैं।