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गोशालाओं में जिंदगी और मौत से जूझ रहे बेजुबान
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जिले में मानसूनी बारिश ने अस्थाई गोशालाओं की व्यवस्था की पोल पट्टी खोलकर रख दी है। अव्यवस्था से बेजुबान जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। जरूरी सुविधाओं न होने और चारे की कमी से दो गोशालाओं में चार दिनों में छह मवेशियों की मौत हो गई, जबकि 50 के करीब बीमार हैं। जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया तो मरने वाले बेजुबानों की संख्या और भी बढ़ सकती है। सूबे में भाजपा की सरकार बनने पर वर्ष 2017 में जिले में 26 अस्थायी और एक स्थायी गोशाला खोले गए हैं। जिसमें तीन हजार से अधिक मवेशी रखे गए हैं। जिसके संरक्षण के लिए समिति का गठन किया गया। अब तक 10 करोड़ से अधिक की रकम भी खर्च हो चुकी है, लेकिन अस्थायी गोशालाओं की दुर्दशा कम नहीं हो रही है। तीन दिन तक लगातार हुई बारिश ने संरक्षण समिति की खानापूर्ति करने वाली नीति की पोल खोल दी। 60 फीसद तक गोशाला का रखरखाव ग्रामसभा, मनरेगा और 40 फीसद तक पशुपालन विभाग पर होने से संरक्षण समिति विभागीय संख्या 3400 पर प्रति पशु 30 रुपये की दर से हर माह हजारों रुपये का भुगतान चारा, दवा के रूप में किया जाता है। समय-समय पर संरक्षण समिति निरीक्षण कर रखरखाव में किसी तरह की लापरवाही पर सख्ती दिखाता है। अस्थायी के साथ स्थायी गोशाला के जिम्मेदार विभागीय मिलीभगत से मात्र खानापूर्ति तक सीमित है। छह माह से मजदूरों को मानदेय न मिलने का परिणाम है कि गोशाला के आसपास जलजमाव, गंदगी, चारा की कमी, पानी की अनुपलब्धता, चहारदीवारी, छाया न मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। ब्लाक औराई, भदोही, सुरियावां, अभोली, ज्ञानपुर, डीघ अंतर्गत तैनात पशु चिकित्सकों की मनमानी से इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती जिससे प्रतिदिन चार से छह पशुओं की मौत होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता। रजा क पुरा चकवा, डीघ के फुलवरिया, भावापुर, औराई चीनी मिल परिसर, अभोली के असईपुर, सुरियावां के कस्तूरीपुर अव्यवस्था को दर्शाने में दो कदम आगे हैं। पूरेरजा और फुलवरिया में चार दिनों में छह मवेशियों की मौत हो गई, हालांकि हकीकत इससे अधिक है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.जय सिंह ने कहा कि बारिश के कारण कुछ गोशाला पर समस्या आई है। स्वयं मौके पर पहुंच कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व बकाए धनराशि का भुगतान भी कर दिया गया है। पंचायत चुनाव और उप चुनाव के कारण कुछ दिक्कतें हुई हैं।
इनसेट-
सप्लायर ने भूसा देने से किया इनकार
औराई। ब्लॉक के हमीदपट्टी ग्रामसभा में बंद पड़ी पड़ी चीनी मिल परिसर अस्थायी गोशाला की हालत अत्यंत खराब हो गई है। कारण है कि चेक पर बीडीओ के हस्ताक्षर न करने से सप्लायर ने भूसे की आपूर्ति रोक दी है। ग्राम देवी इंटरप्राइजेज के अमरेश त्रिपाठी ने डीएम से शिकायत कर आरोप लगाया है कि अप्रैल में 16 लाख रुपये बकाए की मांग की थी जिस पर सीवीओ ने 1.70 लाख का चेक संयुक्त खाते में भेज दिया। दूसरी ओर बीडीओ की ओर से भेजे जाने वाले 16 लाख के चेक पर सीवीओ ने हस्ताक्षर करने के बजाए वापस कर दिया। डॉ.डीएन श्रीवास्तव ने बताया कि शासन ने फरवरी 2021 तक के भुगतान को करने का निर्देश दिया है। यदि बीडीओ उक्त माह तक का चेक पेश करें तो हस्ताक्षर क्यों नहीं किया जाएगा। आपसी खींचतान और कमीशनबाजी में दर्जनों पशु भूखे रहने के लिए मजबूर हैं। पूर्व के दिनों में इसी तरह की लापरवाही कई पशुओं की मौत हो गई थी और कई इधर-उधर हो गए थे। सीवीओ डॉ.जय सिंह ने कहा कि उनके कार्यकाल में किसी तरह की मनमानी नहीं होने दी जाएगी। एक-एक माह के बिल-बाउचर की जांच कर भुगतान कराया जाएगा।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.जय सिंह ने कहा कि बारिश के कारण कुछ गोशाला पर समस्या आई है। स्वयं मौके पर पहुंच कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व बकाए धनराशि का भुगतान भी कर दिया गया है। पंचायत चुनाव और उप चुनाव के कारण कुछ दिक्कतें हुई हैं।
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सप्लायर ने भूसा देने से किया इनकार
औराई। ब्लॉक के हमीदपट्टी ग्रामसभा में बंद पड़ी पड़ी चीनी मिल परिसर अस्थायी गोशाला की हालत अत्यंत खराब हो गई है। कारण है कि चेक पर बीडीओ के हस्ताक्षर न करने से सप्लायर ने भूसे की आपूर्ति रोक दी है। ग्राम देवी इंटरप्राइजेज के अमरेश त्रिपाठी ने डीएम से शिकायत कर आरोप लगाया है कि अप्रैल में 16 लाख रुपये बकाए की मांग की थी जिस पर सीवीओ ने 1.70 लाख का चेक संयुक्त खाते में भेज दिया। दूसरी ओर बीडीओ की ओर से भेजे जाने वाले 16 लाख के चेक पर सीवीओ ने हस्ताक्षर करने के बजाए वापस कर दिया। डॉ.डीएन श्रीवास्तव ने बताया कि शासन ने फरवरी 2021 तक के भुगतान को करने का निर्देश दिया है। यदि बीडीओ उक्त माह तक का चेक पेश करें तो हस्ताक्षर क्यों नहीं किया जाएगा। आपसी खींचतान और कमीशनबाजी में दर्जनों पशु भूखे रहने के लिए मजबूर हैं। पूर्व के दिनों में इसी तरह की लापरवाही कई पशुओं की मौत हो गई थी और कई इधर-उधर हो गए थे। सीवीओ डॉ.जय सिंह ने कहा कि उनके कार्यकाल में किसी तरह की मनमानी नहीं होने दी जाएगी। एक-एक माह के बिल-बाउचर की जांच कर भुगतान कराया जाएगा।
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