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बैंक कर्मियों की हड़ताल से दूसरे दिन भी लटके रहे ताले
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर जिले के विभिन्न बैंकों की शाखाओं में शुक्रवार को दूसरे दिन भी हड़ताल रही। जिले की कुल 131 बैंक शाखाओं में ताला बंद होने से एक अनुमान के मुताबिक 230 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। कई जगह एटीएम भी दिन में खाली हो गए थे, ऐसे में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को जिले की 131 बैंक शाखाओं में हड़ताल से कारोबारी समेत सभी वर्ग के लोगों को भुगतान के लिए परेशान होना पड़ा। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि वे निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। बैंकों के निजीकरण से आम उपभोक्ताओं के लिए सुविधाएं महंगी हो जाएंगी। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं निजीकरण के बाद आमजन को उपलब्ध नहीं हो पाएंगी। केंद्र सरकार की ओर से बजट सत्र के दौरान दो राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण करने के संकेत समेत वर्तमान में शीतकालीन सत्र में इससे संबंधित बिल लाने की घोषण के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के तत्वावधान में विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी और कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल किया। भदोही, ज्ञानपुर, सुरियावां, मोढ, औराई, बाबू सराय, चौरी, गोपीगंज, लालानगर, ऊज, अभोली आदि जगहों पर स्थित सभी राष्ट्रीकृत बैंकों की शाखाएं बंद रहीं। ज्ञानपुर में यूनियन बैंक की मुख्य शाखा के सामने बैंक कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर सतीश चंद्र पांडेय, रविकांत शुक्ला, सुशील शुक्ला, रिजवान अली, चेतन चौधरी, तनुज तोमर, पवन यादव आदि मौजूद थे।
हड़ताल के दूसरे दिन स्टेशन रोड पर कम रही चहल पहल
भदोही। सरकारी बैंकों को सुदृढ़ करने तथा बैंको के निजीकरण के विरोध में आल इंडिया बैंक इंप्लाईज एसोसिएशन और यूनाईटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस का दो दिवसीय बैंक हड़ताल शुक्रवार की शाम समाप्त हो गया। हड़ताल के चलते जिले भर में राष्ट्रीयकृत बैंकों के ताले नहीं खुले तथा वित्तीय लेनदेन और बैंकिंग व्यवस्था ठप रही। दूर दराज से बैंक आए उपभोक्ता परेशान होकर घर लौट गए। शनिवार को बैंक खुलेंगे।
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हड़ताल के दूसरे भले ही हड़ताली बैंक बैंक कर्मी पहले दिन की तरह सड़कों पर नहीं दिखे लेकिन बैंक पूरी तरह से बंद रहे। इसका असर शुक्रवार को सड़कों पर भी देखने को मिला। भदोही के स्टेशन रोड पर दो दर्जन से अधिक बैंक शाखाएं हैं। हड़ताल से न केवल चहल पहल कम दिखा बल्कि स्टेशन रोड पर वाहन भी कम दिखे। बैंक यूनियनों के पदाधिकारी शुक्रवार को प्रदर्शन करते या नारेबाजी करते नहीं दिखे। लोगों का कहना था कि लोगों के बैंक खातों से वित्तीय लेनदेन होते रहने से ही डिजिटल लेन देन हो पाता है। कुल मिलाकर राहत वाली बात यह है कि शनिवार को बैंकों में सामान्य कामकाज होगा।
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निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को जिले की 131 बैंक शाखाओं में हड़ताल से कारोबारी समेत सभी वर्ग के लोगों को भुगतान के लिए परेशान होना पड़ा। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि वे निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। बैंकों के निजीकरण से आम उपभोक्ताओं के लिए सुविधाएं महंगी हो जाएंगी। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं निजीकरण के बाद आमजन को उपलब्ध नहीं हो पाएंगी। केंद्र सरकार की ओर से बजट सत्र के दौरान दो राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण करने के संकेत समेत वर्तमान में शीतकालीन सत्र में इससे संबंधित बिल लाने की घोषण के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के तत्वावधान में विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी और कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल किया। भदोही, ज्ञानपुर, सुरियावां, मोढ, औराई, बाबू सराय, चौरी, गोपीगंज, लालानगर, ऊज, अभोली आदि जगहों पर स्थित सभी राष्ट्रीकृत बैंकों की शाखाएं बंद रहीं। ज्ञानपुर में यूनियन बैंक की मुख्य शाखा के सामने बैंक कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर सतीश चंद्र पांडेय, रविकांत शुक्ला, सुशील शुक्ला, रिजवान अली, चेतन चौधरी, तनुज तोमर, पवन यादव आदि मौजूद थे।
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हड़ताल के दूसरे दिन स्टेशन रोड पर कम रही चहल पहल
भदोही। सरकारी बैंकों को सुदृढ़ करने तथा बैंको के निजीकरण के विरोध में आल इंडिया बैंक इंप्लाईज एसोसिएशन और यूनाईटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस का दो दिवसीय बैंक हड़ताल शुक्रवार की शाम समाप्त हो गया। हड़ताल के चलते जिले भर में राष्ट्रीयकृत बैंकों के ताले नहीं खुले तथा वित्तीय लेनदेन और बैंकिंग व्यवस्था ठप रही। दूर दराज से बैंक आए उपभोक्ता परेशान होकर घर लौट गए। शनिवार को बैंक खुलेंगे।
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हड़ताल के दूसरे भले ही हड़ताली बैंक बैंक कर्मी पहले दिन की तरह सड़कों पर नहीं दिखे लेकिन बैंक पूरी तरह से बंद रहे। इसका असर शुक्रवार को सड़कों पर भी देखने को मिला। भदोही के स्टेशन रोड पर दो दर्जन से अधिक बैंक शाखाएं हैं। हड़ताल से न केवल चहल पहल कम दिखा बल्कि स्टेशन रोड पर वाहन भी कम दिखे। बैंक यूनियनों के पदाधिकारी शुक्रवार को प्रदर्शन करते या नारेबाजी करते नहीं दिखे। लोगों का कहना था कि लोगों के बैंक खातों से वित्तीय लेनदेन होते रहने से ही डिजिटल लेन देन हो पाता है। कुल मिलाकर राहत वाली बात यह है कि शनिवार को बैंकों में सामान्य कामकाज होगा।