ज्ञानपुर। छुट्टा पशु खेतों से लेकर सड़कों तक लोगों के लिए मुश्किलों का सबब बने हैं। झुंड के झुंड पशु जहां किसानों की गाढ़ी कमाई रौंदते सिवान में आसानी से देखे जा सकते हैं, वहीं सड़कों पर उनके कब्जे से आए दिन हादसे हो रहे हैं। इस समस्या पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है। वाराणसी-प्रयागराज राजमार्ग से लेकर जिले के प्रमुख संपर्क मार्गों तक विचरण करते छुट्टा पशु आसानी से देखे जा सकते हैं। गत दिनों हाईवे पर झिलिया पुल के समीप सड़क पर बैठे एक पशु से टकराकर बाइक सवार दो लोग घायल हो गए थे। इसी तरह भदोही नगर में हुए हादसे में बुजुर्ग घायल हो गए थे। यही नहीं कई बार सांड़ों ने हिंसक होकर लोगों पर हमला भी कर दिया। लालानगर, सुरियावां, मोढ़, सीतामढ़ी सहित दर्जनों गांवों में छुट्टा पशुओं की समस्या विकट बनी है। किसानों का कहना है कि छुट्टा पशु फसलों को चरने के साथ ही धमाचौकड़ी कर खेत बर्बाद कर देते हैं। महंगी खाद और बीज लगाकर किसानों को उम्मीद रहती है कि इस वर्ष उनकी अच्छी पैदावार होगी, लेकिन छुट्टा पशु खड़ी फसलों को क्षति पहुंचाकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। अर्जुनपुर निवासी किसान अनूप कुमार बिंद, गड़ौर निवासी मृत्यंजय सिंह, महजूदा निवासी विकास सिंह, बहरइची निवासी राधेश्याम, भोरी निवासी श्यामसुंदर लाल, अभोली निवासी अशोक कुमार आदि ने जिला प्रशासन से छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेडी सिंह ने कहा कि कई स्थानों पर गोशालाएं बनाई गईं हैं। ग्रामप्रधान के माध्यम से ग्रामीण पशुओं को एकत्र कर नजदीकी गोशालाओं में भेज सकते हैं। अगर कोई परेशानी होती है तो उसका निदान किया जाएगा।