ज्ञानपुर/गोपीगंज। प्रतिदिन बढ़ रहा तापमान जनमानस के साथ ही पशु-पक्षियों की परेशानी बढ़ा दी है। बढ़ते तापमान को भांप कर गत दिनों जिला प्रशासन ने पेयजल संसाधनों को हर हालत में ठीक कराकर चालू करने और पोखरों, तालाबों को भरवाने के निर्देश का कोई असर विभागीय अधिकारियों पर नहीं है। शुक्रवार को मंडी परिषद ककराही-गोपीगंज में सूखे पड़े पेयजल टैंक के सवाल पर व्यापारी, किसान जिम्मेदारों की ओर से बरती जा रही उपेक्षा पर नाराजगी जताई। व्यापारी नरेश कुमार ने बताया कि मंडी परिषद में गेहूं क्रय केंद्र, एफसीआई गोदाम और आलू, प्याज, फल की स्थाई मंडी है। जहां प्रतिदिन ग्राहक, किसान, वाहन चालक किसी न किसी कार्य से आते रहते हैं। क्रय केंद्र के सामने दो मटकों में पानी भरवाकर मात्र औपचारिकता की गई है। मंडी के मुख्य गेट पर हैंडपंप लगभग दो वर्ष से तकनीकी गड़बड़ी के कारण बंद है। प्यास बुझाने वाले आढ़तियों के छप्पर में रखे आरओ पानी की ओर रुख करते हैं। ग्राहक विनोद ने बताया कि पेयजल की समस्या को दूर करने की शिकायत कई बार की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। मंडी सचिव धीरेंद्र कुमार ने कहा कि मंडी परिषद के क्षेत्रफल में कुल छह हैंडपंप लगे हैं। अस्थाई पेयजल टैंक को भरवाकर चालू करवाने की मांग की गई है, जिसे किसानों और ग्राहकों के हित में चालू करवाया जाएगा।