{"_id":"676862234d5eac0d9600a5c7","slug":"temperature-dropped-by-32-degrees-dense-fog-seen-visibility-was-20-meters-bhadohi-news-c-191-1-gyn1001-120403-2024-12-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: 3.2 डिग्री गिरा तापमान, दिखा घना कोहरा, 20 मीटर रही दृश्यता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: 3.2 डिग्री गिरा तापमान, दिखा घना कोहरा, 20 मीटर रही दृश्यता
विज्ञापन
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे दबाव के कारण दक्षिण भारत के कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई है। इसके चलते जनपद के मौसम में बदलाव आया है। अचानक से न्यूनतम तापमान में 3.2 डिग्री की कमी आईं है। रविवार सुबह कोहरे का प्रभाव दिखा। दिसंबर में पहली बार घने कोहरे का असर देखा गया। सुबह सात बजे तक कोहरे का असर देखा गया। इस दौरान वाहन रेंगते नजर आए। शाम होते ही ठिठुरन का अहसास हुआ।
मौसम में बदलाव का क्रम जारी है। इन दिनों हर दिन पछुआ व पूर्वा हवा का मिजा-जुला असर दिख रहा है। इससे तापमान में भी उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी है। शुक्रवार की रात अचानक से 3.2 डिग्री तापमान में कमी आई। शाम होते ही सर्द भरी हवाएं चली। इससे लोग ठिठुरने को विवश हुए। ठंड से बचाव के लिए अलाव के पास बैठे, लेकिन राहत मिलता नहीं दिखा। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे दबाव की वजह से जिले में मौसम बदला है। आगामी सप्ताह तापमान में दो से तीन डिग्री तक कमी आएंगी। 27 दिसंबर के बाद बदले मौसम होने पर बूंदाबांदी के आसार बन सकते हैं। दिसंबर में पहली बार सर्द भरी हवाओं के साथ कोहरा का प्रभाव देखा गया। इस दौरान दृश्यता 20 मीटर तक रही। कोहरा के बीच मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। सुबह सात बजे के बाद धूप खिली, लोगों ने राहत की सांस ली। कृषि विज्ञान केंद्र मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
गेंहू की फसल के लिए लाभदायक है कोहरा :
बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि यह मौसम खेती किसानी के दृष्टिगत बेहद फायदेमंद है। खासकर गेंहू की फसल के लिए कोहरा बेहद लाभदायक है। बताया जब ठंड पड़ती है, तब गेंहू की फसल तेजी से विकसित करते हैं। उन्होंने बताया कि कोहरा लगातार रहेगा, तब कुछ सब्जियों के लिए यह नुकसानदेह साबित हो सकता है।
विज्ञापन
मौसम में बदलाव का क्रम जारी है। इन दिनों हर दिन पछुआ व पूर्वा हवा का मिजा-जुला असर दिख रहा है। इससे तापमान में भी उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी है। शुक्रवार की रात अचानक से 3.2 डिग्री तापमान में कमी आई। शाम होते ही सर्द भरी हवाएं चली। इससे लोग ठिठुरने को विवश हुए। ठंड से बचाव के लिए अलाव के पास बैठे, लेकिन राहत मिलता नहीं दिखा। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे दबाव की वजह से जिले में मौसम बदला है। आगामी सप्ताह तापमान में दो से तीन डिग्री तक कमी आएंगी। 27 दिसंबर के बाद बदले मौसम होने पर बूंदाबांदी के आसार बन सकते हैं। दिसंबर में पहली बार सर्द भरी हवाओं के साथ कोहरा का प्रभाव देखा गया। इस दौरान दृश्यता 20 मीटर तक रही। कोहरा के बीच मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। सुबह सात बजे के बाद धूप खिली, लोगों ने राहत की सांस ली। कृषि विज्ञान केंद्र मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गेंहू की फसल के लिए लाभदायक है कोहरा :
बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि यह मौसम खेती किसानी के दृष्टिगत बेहद फायदेमंद है। खासकर गेंहू की फसल के लिए कोहरा बेहद लाभदायक है। बताया जब ठंड पड़ती है, तब गेंहू की फसल तेजी से विकसित करते हैं। उन्होंने बताया कि कोहरा लगातार रहेगा, तब कुछ सब्जियों के लिए यह नुकसानदेह साबित हो सकता है।