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कालीन में हावी हो रही तकनीक
ब्यूरो ज्ञानपुर अमर उजाला
Updated Fri, 12 Dec 2014 02:00 AM IST
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आकर्षक कालीन तैयार करने में डिजाइन का सबसे महत्व है।
पहले डिजाइनर नक्शा बनाने अधिक समय लगाते थे।
कंप्यूटर से नक्शे को बनाने में एक या दो दिन लगते हैं।
सबसे अच्छी बात यह है कि पहला नक्शा बन जाने के बाद दूसरा नक्शा पलक झपकते ही बन कर तैयार हो जाता है।
प्रमुख कालीन निर्यातक जयप्रकाश गुप्ता पिछले एक वर्ष से कंप्यूटर से कालीन डिजाइनिंग करा रहे हैं।
हाल ही में उन्होंने इसके लिए बड़ा प्रिंटर भी खरीद लिया।
उनका मानना है कि अब बड़े से बड़ा नक्शा भी शीघ्र तैयार कर लिया जाता है।
बताया कि इससे खर्च भी कम होता है और समय की बचत भी।
उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत निर्यातक इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
कंप्यूटरीकरण से हालांकि परंपरागत डिजाइनरों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि भारी संख्या में युवाओं को कंप्यूटर डिजाइनिंग में रोजगार मिल रहा है।
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पहले डिजाइनर नक्शा बनाने अधिक समय लगाते थे।
कंप्यूटर से नक्शे को बनाने में एक या दो दिन लगते हैं।
सबसे अच्छी बात यह है कि पहला नक्शा बन जाने के बाद दूसरा नक्शा पलक झपकते ही बन कर तैयार हो जाता है।
प्रमुख कालीन निर्यातक जयप्रकाश गुप्ता पिछले एक वर्ष से कंप्यूटर से कालीन डिजाइनिंग करा रहे हैं।
हाल ही में उन्होंने इसके लिए बड़ा प्रिंटर भी खरीद लिया।
उनका मानना है कि अब बड़े से बड़ा नक्शा भी शीघ्र तैयार कर लिया जाता है।
बताया कि इससे खर्च भी कम होता है और समय की बचत भी।
उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत निर्यातक इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
कंप्यूटरीकरण से हालांकि परंपरागत डिजाइनरों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि भारी संख्या में युवाओं को कंप्यूटर डिजाइनिंग में रोजगार मिल रहा है।