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कछुआ सेंक्चुरी के लिए जल्द होगा सीमांकन
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ज्ञानपुर। जिले के कोनिया क्षेत्र के बारीपुर उपरवार से शुरू होने वाले कछुआ सेंक्चुरी क्षेत्र के लिए जल्द ही सीमांकन कार्य शुरू होगा। वन विभाग की टीम एक सप्ताह के अंदर सर्वे शुरू करेगी। सर्वे में यह तय किया जाएगा कि किस इलाके तक बालू खनन, नौका संचालन और मछली मारने पर रोक रहेगी।
हल्दिया से वाराणसी तक बनने वाले जलमार्ग को लेकर दो-तीन साल पूर्व से ही वाराणसी के रामनगर स्थित कछुआ सेंक्चुरी को स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा था। राज्यपाल की मुहर लगने के बाद अब वह भदोही, प्रयागराज जिलों के 30 किमी परिक्षेत्र में शिफ्ट हो गया है। डीएफओ आलोक सक्सेना ने बताया कि कछुआ सेंक्चुरी का जल्द ही सीमांकन किया जाएगा। इसमें बारीपुर-उपरवार से 10 किमी पूर्व तक के परिक्षेत्र में खनन पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल मौजूदा वित्तीय वर्ष में खनन नहीं रुकेेगा। आगामी वित्तीय वर्ष में शासन के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जाएगी। खनन निरीक्षक अरविंद यादव ने कहा कि कछुआ सेंक्चुरी की सीमा से काफी पूर्व ही खनन पर रोक लग जाती है। इसके लिए वन विभाग 10, पांच या तीन किमी तक का दायरा तय करता है।
12 प्रजाति के कछुए छोड़े जाएंगे
ज्ञानपुर। जिले में बनने वाले कछुआ सेंक्चुरी में 10 से 12 प्रजाति के कछुए छोड़े जाएंगे। रेंजर रिचेश मिश्र ने बताया कि शुरुआत में चार से पांच प्रजाति के कछुए यहां आएंगे। उसके बाद देश और प्रदेश के विभिन्न सेंक्चुरी से 12 प्रजाति के कछुए लाए जाएंगे। इसकी तैयारी में महकमा जुटा हुआ है।
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हल्दिया से वाराणसी तक बनने वाले जलमार्ग को लेकर दो-तीन साल पूर्व से ही वाराणसी के रामनगर स्थित कछुआ सेंक्चुरी को स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा था। राज्यपाल की मुहर लगने के बाद अब वह भदोही, प्रयागराज जिलों के 30 किमी परिक्षेत्र में शिफ्ट हो गया है। डीएफओ आलोक सक्सेना ने बताया कि कछुआ सेंक्चुरी का जल्द ही सीमांकन किया जाएगा। इसमें बारीपुर-उपरवार से 10 किमी पूर्व तक के परिक्षेत्र में खनन पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल मौजूदा वित्तीय वर्ष में खनन नहीं रुकेेगा। आगामी वित्तीय वर्ष में शासन के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जाएगी। खनन निरीक्षक अरविंद यादव ने कहा कि कछुआ सेंक्चुरी की सीमा से काफी पूर्व ही खनन पर रोक लग जाती है। इसके लिए वन विभाग 10, पांच या तीन किमी तक का दायरा तय करता है।
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12 प्रजाति के कछुए छोड़े जाएंगे
ज्ञानपुर। जिले में बनने वाले कछुआ सेंक्चुरी में 10 से 12 प्रजाति के कछुए छोड़े जाएंगे। रेंजर रिचेश मिश्र ने बताया कि शुरुआत में चार से पांच प्रजाति के कछुए यहां आएंगे। उसके बाद देश और प्रदेश के विभिन्न सेंक्चुरी से 12 प्रजाति के कछुए लाए जाएंगे। इसकी तैयारी में महकमा जुटा हुआ है।
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