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बेटे के लिए मां का निर्जला व्रत
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Tue, 06 Oct 2015 12:39 AM IST
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बेटे की दीर्घायु एवं पुत्र कामना को लेकर सोमवार को जीवित्पुत्रिका की विधि-विधान से पूजा की गई। व्रती महिलाओं ने ज्ञान सरोवर, तालाबों आदि स्थानों पर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान बाजारों में अस्थायी दूकानें लगने से मेले जैसा माहौल रहा। पुत्र की कामना के लिए जिउतिया का कठिन व्रत रखने वाली महिलाओं ने रविवार की रात से ही अन्न और जल त्याग दिया था। मंगलवार को सुबह से ही पकवान आदि बनाने के बाद महिलाएं तालाब, पोखरों और अन्य स्थानों पर पूजा के लिए रुख करना शुरू कर दिया।
व्रती महिलाओं ने पूजन स्थल पर पहुंचकर विधिपूर्वक पूजन-अर्चन किया। उधर, ग्रामीण इलाकों के तालाब और पोखरे जहां गुलजार रहे, वहीं नगरीय इलाकों के सरोवरों पर भी महिलाओं ने पहुंचकर पूजन अर्चन किया। ज्ञानपुर के ज्ञान सरोवर पर सुबह 10 बजे से ही व्रती महिलाओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। ज्ञान सरोवर पर व्रती महिलाओं के आने जाने और पूजन-अर्चन का सिलसिला लगातार चलता रहा। अन्य तालाबों पर भी व्रती महिलाएं पूजन अर्चन करने के बाद घर लौटीं। इसी तरह ज्ञानपुर, गोपीगंज, औराई, जंगीगंज, ऊंज, बाबूसराय, चौरी, सुरियावां, मोढ़ आदि क्षेत्रों में भी व्रती महिलाओं ने विधिविधान से पूजन अर्चन किया। कुछ व्रती महिलाओं ने जिउतिया देवी की पूजा से पूर्व गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण किया और उसके बाद पूजा करने के लिए निर्धारित स्थल पर पहुंचीं। पूजापाठ के बाद महिलाओं और बच्चों ने बाजार में खरीददारी भी की। गोपीगंज संवाददाता के अनुसार, थाना क्षेत्र के नत्थूपुर जखांव में सोमवार को महिलाओं ने बच्चों के लंबी आयु के लिए जीवित्पुत्रिका का पूजा अर्चन किया। पूजा स्थल पर महिलाएं बैंड-बाजे के साथ मनोहारी गीत गाते हुए पहुंचीं। सुषमा देवी, शीला यादव, प्रभावती देवी, पूनम देवी, उर्मिला देवी, दुलारी देवी, गायत्री देवी, सीता देवी आदि मौजूद रहीं।
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व्रती महिलाओं ने पूजन स्थल पर पहुंचकर विधिपूर्वक पूजन-अर्चन किया। उधर, ग्रामीण इलाकों के तालाब और पोखरे जहां गुलजार रहे, वहीं नगरीय इलाकों के सरोवरों पर भी महिलाओं ने पहुंचकर पूजन अर्चन किया। ज्ञानपुर के ज्ञान सरोवर पर सुबह 10 बजे से ही व्रती महिलाओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। ज्ञान सरोवर पर व्रती महिलाओं के आने जाने और पूजन-अर्चन का सिलसिला लगातार चलता रहा। अन्य तालाबों पर भी व्रती महिलाएं पूजन अर्चन करने के बाद घर लौटीं। इसी तरह ज्ञानपुर, गोपीगंज, औराई, जंगीगंज, ऊंज, बाबूसराय, चौरी, सुरियावां, मोढ़ आदि क्षेत्रों में भी व्रती महिलाओं ने विधिविधान से पूजन अर्चन किया। कुछ व्रती महिलाओं ने जिउतिया देवी की पूजा से पूर्व गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण किया और उसके बाद पूजा करने के लिए निर्धारित स्थल पर पहुंचीं। पूजापाठ के बाद महिलाओं और बच्चों ने बाजार में खरीददारी भी की। गोपीगंज संवाददाता के अनुसार, थाना क्षेत्र के नत्थूपुर जखांव में सोमवार को महिलाओं ने बच्चों के लंबी आयु के लिए जीवित्पुत्रिका का पूजा अर्चन किया। पूजा स्थल पर महिलाएं बैंड-बाजे के साथ मनोहारी गीत गाते हुए पहुंचीं। सुषमा देवी, शीला यादव, प्रभावती देवी, पूनम देवी, उर्मिला देवी, दुलारी देवी, गायत्री देवी, सीता देवी आदि मौजूद रहीं।
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