ज्ञानपुर। गो माता की सेवा करना हर किसी की जिम्मेदारी है। घायल अवस्था में गोवंश को देखकर लोग डॉक्टर को फोन करते हैं, अच्छी बात है। गोवंश के प्रति लोगों में जागरुकता है। पशु चिकित्सक के आने तक गोवंश के भरण पोषण की व्यवस्था लोगों को करनी चाहिए। प्रदेश 16 लाख गोवंश संरक्षित है। जिले के 32 गो-आश्रय स्थल में पांच हजार गोवंश संरक्षित किए गए है। मंगलवार को ज्ञानपुर गेस्ट हाऊस में प्रेसवार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला ने ये बातें कही।
कहा कि जिले के 28 अस्थाई, दो वृहद और एक कान्हा सहित कुल 32 गोशालाओं में पांच हजार गोवंश संरक्षित हैं। एक गोवंश के भरण पोषण पर 50 रुपये की धनराशि मिलती है। इसके अलावा गोवंश सुपुर्दगी योजना के तहत पशुपालक विभिन्न गोशालाओं से एक हजार गोवंश लेकर गए हैं। एक गोवंश के भरण पोषण के लिए पशुपालक को 50 रुपये, महीने का 1500 रुपये मिलता है। एक परिवार को एक आधार कार्ड पर चार गोवंश संरक्षण के लिए सुपुर्द किए जाते हैं। कहा कि गो माता हमारी संस्कृति से जुड़ी हैं। सोमवार को जिले के तीन गोशाला सागरायपुर, बैदा, चीनी मिल औराई का निरीक्षण किया। बैदा में व्यवस्था ठीक ठाक मिली। वहीं, दो अन्य गोशाला में पर्याप्त मात्रा में हरा चारा नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की थी। इस मौके पर आयोग के सदस्य दीपक गोयल, सीवीओ डॉ. एके सचान सहित अन्य मौजूद रहे।