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4.35 करोड़ के कंपोजिट ग्रांट से संवरेंगे स्कूल
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जिले के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों के रख-रखाव के लिए 4.35 करोड़ रुपये का कंपोजिट ग्रांट मिला है। इससे स्कूलों की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। ग्रांट के लिए नामांकन में भी सुधार हुआ है। तीन साल में 40 हजार से अधिक बच्चे स्कूलों में बढ़ गए हैं। विभाग ने छात्र संख्या के आधार पर एसएमसी (विद्यालय प्रबंधन समिति ) के खाते में धनराशि भेज दी है।
जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय में एक लाख 85 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। पूर्व के वर्षों में रंग-रोगन के नाम पर सभी विद्यालयों को सात से 10 हजार रुपये शासन से मिलते थे। इससे स्कूलों की न तो ठीक से रंगाई-पुताई हो पाती थी और न ही दूसरे सामान की खरीदारी। 2019-20 सत्र से सरकार ने स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट आवंटित करना शुरू किया जिससे प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से स्कूलों में काम कराने लगे। ग्रांट के वितरण में एक से 30 तक बच्चों की संख्या पर 10 हजार रुपये, 30 से 100 बच्चों पर 25 हजार, 100 से 250 बच्चों पर 50 हजार, 250 से 1000 बच्चों पर 75 हजार और 1000 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों को एक लाख रुपये ग्रांट उपलब्ध कराई जाती है।
ग्रांट मिलने के बाद शिक्षक रंगरोगन, चहारदीवारी निर्माण, ढोलक, हारमोनियम संग जरूरी सामान की खरीदारी कर स्कूलों का माहौल बदलने में लग गए हैं। जिन विद्यालयों में कुछ माह पूर्व गंदगी दिखती थी, वहां अब सुधार दिख रहा है। जिन विद्यालयों की सूरत सुधरी है उनमें प्राथमिक विद्यालय कुरैया, नगुआं, फत्तूपुर, भिखारीपुर, पल्हैया, पचपटिया, हरिचंदनपुर, सोनहर, भुआजाग, सुल्तानापुर, कंतापुर, असनांव, प्रजापतिपुर, मिसिरपुर, रोटहां, सर्रोई, भोपतपट्टी, बेजवां, दरूनहा, खेमईपुर, पूरेशंभू, नारायनपुर, नंदापुर, भुलईपुर, परगासपुर छत्रशाहपुर समेत करीब 250 से अधिक विद्यालय शामिल हैं। यहां पर बच्चों की संख्या भी पहले से बढ़ी है। ग्रांट के लिए शिक्षक भी नामांकन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 2019 में छात्र संख्या एक लाख 43 हजार रही जो 2020 में एक लाख 63 हजार 551 पहुंची और 2021 में यह संख्या एक लाख 86 हजार तक जा पहुंच गई।
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कंपोजिट ग्रांट से शिक्षक अपने हिसाब से विद्यालय की जरूरत को पूर्ण कर सकते हैं। इससे नामांकन में भी साल दर साल वृद्धि होगी। आने वाले दिनों में परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था काफी बदलेगी।- भूपेंद्र नारायण सिंह, बीएसए भदोही
कंपोजिट ग्रांट से क्या करेंगे शिक्षक
कंपोजिट ग्रांट से शिक्षक अपने विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई पुराई के अलावा अन्य कार्य करा सकेंगे। विद्यालयों में पेयजल, शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षा-कक्षों में टाइल्स लगाने, फर्स्ट एड बाक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण की खरीददारी, कंप्यूटर कक्ष, अनुरक्षण कार्य होंगे। आवश्यकतानुसार पेंटिग कार्य, स्टेशन, टाट पट्टी, चटाई, दरी, रेडियो प्रोग्राम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपकरण, सामान्य सामग्री, बागवानी किट जैसी जरूरतों को पूरा कराने पर खर्च किए जाएंगे।
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जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय में एक लाख 85 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। पूर्व के वर्षों में रंग-रोगन के नाम पर सभी विद्यालयों को सात से 10 हजार रुपये शासन से मिलते थे। इससे स्कूलों की न तो ठीक से रंगाई-पुताई हो पाती थी और न ही दूसरे सामान की खरीदारी। 2019-20 सत्र से सरकार ने स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट आवंटित करना शुरू किया जिससे प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से स्कूलों में काम कराने लगे। ग्रांट के वितरण में एक से 30 तक बच्चों की संख्या पर 10 हजार रुपये, 30 से 100 बच्चों पर 25 हजार, 100 से 250 बच्चों पर 50 हजार, 250 से 1000 बच्चों पर 75 हजार और 1000 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों को एक लाख रुपये ग्रांट उपलब्ध कराई जाती है।
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ग्रांट मिलने के बाद शिक्षक रंगरोगन, चहारदीवारी निर्माण, ढोलक, हारमोनियम संग जरूरी सामान की खरीदारी कर स्कूलों का माहौल बदलने में लग गए हैं। जिन विद्यालयों में कुछ माह पूर्व गंदगी दिखती थी, वहां अब सुधार दिख रहा है। जिन विद्यालयों की सूरत सुधरी है उनमें प्राथमिक विद्यालय कुरैया, नगुआं, फत्तूपुर, भिखारीपुर, पल्हैया, पचपटिया, हरिचंदनपुर, सोनहर, भुआजाग, सुल्तानापुर, कंतापुर, असनांव, प्रजापतिपुर, मिसिरपुर, रोटहां, सर्रोई, भोपतपट्टी, बेजवां, दरूनहा, खेमईपुर, पूरेशंभू, नारायनपुर, नंदापुर, भुलईपुर, परगासपुर छत्रशाहपुर समेत करीब 250 से अधिक विद्यालय शामिल हैं। यहां पर बच्चों की संख्या भी पहले से बढ़ी है। ग्रांट के लिए शिक्षक भी नामांकन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 2019 में छात्र संख्या एक लाख 43 हजार रही जो 2020 में एक लाख 63 हजार 551 पहुंची और 2021 में यह संख्या एक लाख 86 हजार तक जा पहुंच गई।
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कंपोजिट ग्रांट से शिक्षक अपने हिसाब से विद्यालय की जरूरत को पूर्ण कर सकते हैं। इससे नामांकन में भी साल दर साल वृद्धि होगी। आने वाले दिनों में परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था काफी बदलेगी।- भूपेंद्र नारायण सिंह, बीएसए भदोही
कंपोजिट ग्रांट से क्या करेंगे शिक्षक
कंपोजिट ग्रांट से शिक्षक अपने विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई पुराई के अलावा अन्य कार्य करा सकेंगे। विद्यालयों में पेयजल, शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षा-कक्षों में टाइल्स लगाने, फर्स्ट एड बाक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण की खरीददारी, कंप्यूटर कक्ष, अनुरक्षण कार्य होंगे। आवश्यकतानुसार पेंटिग कार्य, स्टेशन, टाट पट्टी, चटाई, दरी, रेडियो प्रोग्राम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपकरण, सामान्य सामग्री, बागवानी किट जैसी जरूरतों को पूरा कराने पर खर्च किए जाएंगे।