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जुलूस निकाल संथारा का समर्थन
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Tue, 25 Aug 2015 01:35 AM IST
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श्री जैन श्वेतांबर मंदिर एवं श्री जिनकुशल सूरीश्वर दादाबाडी ट्रस्ट के सदस्यों ने सोमवार को नगर में मौन जुलूस निकाल कर संथारा प्रथा का समर्थन किया। नगर के मेनरोड से जुलूस चल कर स्टेशन रोड स्थित डाकघर के पास आकर समाप्त हुआ। इस दौरान लोगों ने संथारा प्रथा (इच्छा से अन्न, जल और जीवन का त्याग करना) पर राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इस प्रथा को आत्महत्या घोषित करने से हमारी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं हैं। जैन समाज इसकी जितनी निंदा करे वह कम है।
सोमवार को जैन समाज के दो दर्जन से अधिक जैन धर्मावलंबी बैनर-पोस्टर लेकर भरत पैलेस तिराहे पर जमा हुए और वहां से मौन धारण कर अजिमुल्लाह चौराहा, लिप्पन त्रिमुहानी होते हुए स्टेशन रोड पर डाकघर पहुंचे। संगठन के मंत्री सुरेंद्र कुमार डागा ने कहा की संथारा आत्म साधना और आत्म शुद्धि की प्रक्रिया है, जिसे आत्महत्या नहीं कहा जा सकता। कहा कि संथारा पर रोक लगाने संबंधी फैसले से जैन समाज के लोगों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है। यह उनके अधिकारों का खुला हनन है।
वक्ताओं ने कहा कि संथारा प्रथा को बहाल किया जाना चाहिए। कहा कि जैन समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। जुलूस के समापन के बाद लोगों ने सांकेतिक बंदी रखी और कामकाज से विरत रहे।
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जुलूस और उसके बाद हुई सभ्ाा में जैन समाज के जुगराज सिंह जैन, संतोक चंद्र गोलछा, राजकुमार बोथरा, शांति लाल नाहटा, शिखर सोनावत, कन्हैया लाल बोथरा, मनोहर खाब्या, हाली कुमार जैन, पृथ्वीराज मालू, शिखर बरडिया, तरुण डागा, मनोज सुराना के साथ ही काफी संख्या में जैन समाज के अन्य लोगों की मौजूदगी भी रही।
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सोमवार को जैन समाज के दो दर्जन से अधिक जैन धर्मावलंबी बैनर-पोस्टर लेकर भरत पैलेस तिराहे पर जमा हुए और वहां से मौन धारण कर अजिमुल्लाह चौराहा, लिप्पन त्रिमुहानी होते हुए स्टेशन रोड पर डाकघर पहुंचे। संगठन के मंत्री सुरेंद्र कुमार डागा ने कहा की संथारा आत्म साधना और आत्म शुद्धि की प्रक्रिया है, जिसे आत्महत्या नहीं कहा जा सकता। कहा कि संथारा पर रोक लगाने संबंधी फैसले से जैन समाज के लोगों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है। यह उनके अधिकारों का खुला हनन है।
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वक्ताओं ने कहा कि संथारा प्रथा को बहाल किया जाना चाहिए। कहा कि जैन समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। जुलूस के समापन के बाद लोगों ने सांकेतिक बंदी रखी और कामकाज से विरत रहे।
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जुलूस और उसके बाद हुई सभ्ाा में जैन समाज के जुगराज सिंह जैन, संतोक चंद्र गोलछा, राजकुमार बोथरा, शांति लाल नाहटा, शिखर सोनावत, कन्हैया लाल बोथरा, मनोहर खाब्या, हाली कुमार जैन, पृथ्वीराज मालू, शिखर बरडिया, तरुण डागा, मनोज सुराना के साथ ही काफी संख्या में जैन समाज के अन्य लोगों की मौजूदगी भी रही।