ज्ञानपुर। रंगभरी एकादशी का पर्व जिले में बुधवार को धूमधाम और भक्ति भावना के साथ मनाया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न छोटे बड़े शिव मंदिरों को सुगंधित फूलों और आकर्षक विद्युत झालरों से सजाया गया था। इस मौके पर भगवान शंकर के श्रृंगार को देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रहीं। जिसके चलते पुलिस फोर्स की भारी मात्रा में तैनाती की गई थी। इसके अलावा रंगभरी एकादशी पर्व के अवसर पर शुुक्रवार को देवी गीतों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया। दरअसल देवताओं की होली कही जाने वाली रंगभरी एकादशी का पर्व जिले में भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान शिवभक्तों ने भगवान त्रिलोचन और पार्वती सहित अन्य देवी देवताओं को अबीर और गुलाल अर्पण किया। इसके बाद एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। पुराणों के अनुसार रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव मां पार्वती को पहली बार काशी में लेकर गए थे। इसलिए रंगभरी एकादशी बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण होता है। ज्ञानपुर: सिद्धपीठ बाबा हरिहरनाथ का भव्य श्रृंगार रंगभरी एकादशी के मौके पर किया गया। बाबा का दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। जिले के गोपीगंज नगर में भी रंगभरी एकादशी का पर्व भक्तिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस दौरान नगर के बाबा बडे़शिव मंदिर पर सजावट का कार्य कई दिनों से चल रहा था। इस दौरान हजारों की संख्या में भक्तों ने बाबा के अद्भुत और अलौकिक महाश्रृंगार का दर्शन पूजन किया। इस दौरान भक्तों ने कोरोना गाईडलाईन व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कतारबद्ध होकर बाबा का दर्शन पूजन करने के साथ प्रसाद भी ग्रहण किया। रंगभरी एकादशी पर देवाधिदेव महादेव के मंदिर के अलावा गौरी-गणेश और हनुमान मंदिरों की भी आकर्षक सजावट की गई थी। भक्तों ने बड़े शिव मंदिर के सामने स्थित तालाब को भी दीपक से सजाया। मिर्जापुर रोड स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर, गणेश मंदिर, काली मंदिर, हनुमानगढ़ी स्थित शीतला माता और शिव मंदिर, ज्ञानपुर रोड स्थित सिद्धेश्वरनाथ, जीटी रोड चौराहा स्थित गोपेश्वरनाथ, कबूतरनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों की फूलों और झालरों से सजावट की गई। पूरे नगर में मेले जैसा माहौल देखा गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने मंदिर पहुंचकर दर्शन पूजन किया। मंदिरों के बाहर फल, फूल, मिष्ठान्न, खिलौना और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें लगी रहीं। इसी तरह सुरियावां, भदोही, चौरी, जंगीगंज, दुर्गागंज, खमरिया, घोसिया, औराई सेमराध आदि स्थानों पर स्थित मंदिरों में भी रंगभरी एकादशी पर्व पर भव्य सजावट की गई।