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जाम से घंटों जूझते रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Sun, 25 Sep 2016 01:37 AM IST
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वाराणसी - लखनऊ वाया जंघई रेलमार्ग पर ट्रेनों के भारी दबाव से रेलवे फाटकों पर वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को ट्रेनों के दबाव का यह आलम था कि रेवड़ा रेलवे फाटक 11.46 बजे से लेकर 1.47 मिनट तक (दो घंटे) बंद रहा। इससे रेलवे फाटक खुलने का इंतजार कर रहे वाहन स्वामी खीज गए। लोगों ने कहा कि नागरिकों का जीवन मजाक बनकर रह गया है।
जानकारी हो कि इन दिनों इंदिरा मिल रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर निर्माण के चलते भारी समेत हल्के वाहनों का आवागमन रेवड़ा रेलवे फाटक से हो रहा है। ओवर लोडेडे वाहनों के चलते इस फाटक का मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। फाटक से आवागमन के लिए दूसरा रास्ता नहीं होनेे से लोगों को मजबूरन इसी फाटक से आना होता है। लेकिन शनिवार को दोपहर 11.46 बजे रेलवे फाटक बंद होने के बाद पूरे दो घंटे बाद 1.47 बजे खुला।
कारण रूट पर पांच ट्र्नों का आवागमन रहा। जो लोग फाटक पर खड़े रहे उन्हें दो घंटे तो फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ा और फाटक खुला भी तो लोग भीषण जाम में फंस गए। इसको लेकर लोगों में खासा आक्रोश रहा।
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व्यापारी निखिल काबरा ने बताया कि फाटक बंद होने के बाद इंटरसिटी एक्सप्रेस, दादर-गोरखपुर एक्सप्रेस, दोरखपुर-दादर एक्सप्रेस, सारनाथ एक्सप्रेस और मालडा टाऊन-आनंद विहार एक्सप्रेस आईं और गई लेकिन वाहन स्वामी वहीं खड़े होकर देखते रहे। बताया कि फाटक तो कुल दो घंटे के लिए बंद रहा लेकिन खुलने के बाद भीषण जाम में लोग फंस गए जिसमें से निकलने में पसीने छूट गए।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को आम जनता की परेशानियों का कोई ध्यान नहीं है। कहा कि यदि रेलवे दोहरीकरण का कार्य शीघ्र पूरा हो जाए तो जरूर राहत होगी लेकिन कछुआ चाल से हो रहा दोहरीकरण से राहत मिलने के बजाए समस्या और बढ़ गई है।
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जानकारी हो कि इन दिनों इंदिरा मिल रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर निर्माण के चलते भारी समेत हल्के वाहनों का आवागमन रेवड़ा रेलवे फाटक से हो रहा है। ओवर लोडेडे वाहनों के चलते इस फाटक का मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। फाटक से आवागमन के लिए दूसरा रास्ता नहीं होनेे से लोगों को मजबूरन इसी फाटक से आना होता है। लेकिन शनिवार को दोपहर 11.46 बजे रेलवे फाटक बंद होने के बाद पूरे दो घंटे बाद 1.47 बजे खुला।
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कारण रूट पर पांच ट्र्नों का आवागमन रहा। जो लोग फाटक पर खड़े रहे उन्हें दो घंटे तो फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ा और फाटक खुला भी तो लोग भीषण जाम में फंस गए। इसको लेकर लोगों में खासा आक्रोश रहा।
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व्यापारी निखिल काबरा ने बताया कि फाटक बंद होने के बाद इंटरसिटी एक्सप्रेस, दादर-गोरखपुर एक्सप्रेस, दोरखपुर-दादर एक्सप्रेस, सारनाथ एक्सप्रेस और मालडा टाऊन-आनंद विहार एक्सप्रेस आईं और गई लेकिन वाहन स्वामी वहीं खड़े होकर देखते रहे। बताया कि फाटक तो कुल दो घंटे के लिए बंद रहा लेकिन खुलने के बाद भीषण जाम में लोग फंस गए जिसमें से निकलने में पसीने छूट गए।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को आम जनता की परेशानियों का कोई ध्यान नहीं है। कहा कि यदि रेलवे दोहरीकरण का कार्य शीघ्र पूरा हो जाए तो जरूर राहत होगी लेकिन कछुआ चाल से हो रहा दोहरीकरण से राहत मिलने के बजाए समस्या और बढ़ गई है।