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Bhadohi News: अब बिना सत्यापन के होगी गेहूं खरीद, पंजीकरण जरूरी
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ज्ञानपुर। जिले में गेहूं की कटाई-मड़ाई होने के बाद भी खरीद की रफ्तार तेज नहीं हो पा रही है। करीब दो महीने होने को हैं, लेकिन अब तक लक्ष्य की तुलना में दो फीसदी गेहूं की खरीद हो सकी है। शासन के निर्देश पर अब बिना सत्यापन के किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा। इसके लिए क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। प्रगति ठीक करने के लिए गांव-गांव पहुंचकर क्रय केंद्र प्रभारी किसानों से गेहूं की खरीद कर रहे हैं।
रबी और खरीफ सीजन में सरकार किसानों से गेहूं-धान की खरीद करती है। अबकी बार महीने भर पूर्व एक मार्च से ही खरीद की शुरूआत कर दी गई। 49 क्रय केंद्रों पर 37 हजार (मीट्रिक टन) एमटी खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसे में बाद में बढ़ाकर 49 हजार 500 एमटी कर दिया गया, हालांकि गेहूं की फसल तैयार न होने से मार्च में क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। तापमान में बढ़ोतरी होने पर अप्रैल के पहले सप्ताह से ही खरीद की शरूआत हो गई। धीरे-धीरे दो महीने का समय गुजर चुका है, लेकिन 49 क्रय केंद्रों में 46 पर ही खरीद हो सकी। अब तक मात्र 789 एमटी गेहूं ही खरीदी गई। इसमें भी कई क्रय केंद्र प्रभारियों को गांव-गांव जाकर किसानों से खरीद करनी पड़ी। उम्मीद के हिसाब से खरीद न होने पर शासन ने अब बिना सत्यापन के ही खरीद का निर्देश दिया है। इससे किसानों को तहसील का चकर नहीं लगाना पड़ेगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि गेहूं बेचने के लिए अब तक 3100 किसानों ने पंजीकरण कराया है। शासन ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। नई क्रय नीति में किसानों को 20 रूपये अतिरिक्त जोड़कर खाते में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि अब बिना सत्यापन के ही गेहूं की खरीद की जाएगी। इससे कुछ बेहतर होने की उम्मीद है। शादी-विवाह का सीजन होने से भी किसान क्रय केंद्र पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। क्रय केंद्र प्रभारी गांव-गांव जाकर किसानों से खरीद कर रहे हैं।
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रबी और खरीफ सीजन में सरकार किसानों से गेहूं-धान की खरीद करती है। अबकी बार महीने भर पूर्व एक मार्च से ही खरीद की शुरूआत कर दी गई। 49 क्रय केंद्रों पर 37 हजार (मीट्रिक टन) एमटी खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसे में बाद में बढ़ाकर 49 हजार 500 एमटी कर दिया गया, हालांकि गेहूं की फसल तैयार न होने से मार्च में क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। तापमान में बढ़ोतरी होने पर अप्रैल के पहले सप्ताह से ही खरीद की शरूआत हो गई। धीरे-धीरे दो महीने का समय गुजर चुका है, लेकिन 49 क्रय केंद्रों में 46 पर ही खरीद हो सकी। अब तक मात्र 789 एमटी गेहूं ही खरीदी गई। इसमें भी कई क्रय केंद्र प्रभारियों को गांव-गांव जाकर किसानों से खरीद करनी पड़ी। उम्मीद के हिसाब से खरीद न होने पर शासन ने अब बिना सत्यापन के ही खरीद का निर्देश दिया है। इससे किसानों को तहसील का चकर नहीं लगाना पड़ेगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि गेहूं बेचने के लिए अब तक 3100 किसानों ने पंजीकरण कराया है। शासन ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। नई क्रय नीति में किसानों को 20 रूपये अतिरिक्त जोड़कर खाते में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि अब बिना सत्यापन के ही गेहूं की खरीद की जाएगी। इससे कुछ बेहतर होने की उम्मीद है। शादी-विवाह का सीजन होने से भी किसान क्रय केंद्र पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। क्रय केंद्र प्रभारी गांव-गांव जाकर किसानों से खरीद कर रहे हैं।
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