{"_id":"6ab1918270eaac249209c6b7","slug":"pregnant-women-suffering-from-anemia-will-get-free-fcm-injection-bhadohi-news-c-191-1-gyn1001-148925-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: एनीमिया से जूझ रही गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में लगेगा एफसीएम इंजेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: एनीमिया से जूझ रही गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में लगेगा एफसीएम इंजेक्शन
विज्ञापन
हाई रिस्क प्रेगनेंसी की श्रेणी में शामिल गर्भवती महिलाओं को अब फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज (एफसीएम) इंजेक्शन लगाया जाएगा। जिले में पहली बार इस इंजेक्शन की 6000 खेप आई है। इस इंजेक्शन से खून की कमी से जूझ रही गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबीन ढाई ग्राम तक बढ़ेगा। पांच हजार रुपये की यह इंजेक्शन जिले के सरकारी अस्पतालों में निशुल्क लगाई जाएगी। खून की कमी से जूझ रही गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय खतरा रहता है। इस इंजेक्शन के आने से काफी हद तक महिलाओं को इस समस्या से निजात मिल सकेगा।
जिले में प्रसूताओं की संख्या करीब 10 हजार है। हर महीने की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एचआरपी दिवस मनाया जाता है, जहां प्रसूताओं में खून कमी आदि की जांच की जाती है। वर्तमान समय में जिले में 1425 गर्भवती महिलाएं हाई रिस्क प्रेगनेंसी की श्रेणी में हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 70 फीसदी महिलाओं में हिमोग्लोबीन सात ग्राम के आसपास है। जिला अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश प्रजापति ने बताया कि गर्भवती महिला में 10 ग्राम से अधिक खून होना चाहिए, तभी सीजर होता है। अब इस तरह की महिलाओं को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन लगाया जाएगा। इससे उनका हिमोग्लोबनी ढ़ाई ग्राम तक बढ़ जाएगा। शासन की ओर से महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय और फस्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) औराई, डीघ में 708 इंजेक्शन भेजे गए हैं। यह इंजेक्शन बाजार में 5000 रुपये का मिलता है। अस्पताल में यह गर्भवती महिलाओं को निशुल्क लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में हर सातवीं गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं।
-- -- -- -- -- -- -
इनसेट:
पांच की जगह केवल एक इंजेक्शन लगेगा
जिला अस्पताल के स्त्री रोग एवं प्रसूता विशेषज्ञ डॉ. मुकेश प्रजापति ने बताया कि बदलती जीवन शैली और खानपान के तौर तरीका बदलने से तमाम तरह की बीमारी फैल रही है। गर्भवती महिलाओं में खून की कमी एक बड़ी समस्या है। एफसीएम इंजेक्शन प्रसूता को लगाने पर 2.5 ग्राम तक खून बढ़ता है। यह इंजेक्शन गर्भावस्था के 12 सप्ताह बाद से 34 सप्ताह में कभी लगाया जा सकता है। महिलाओं में सात ग्राम से कम हीमोग्लोबिन है तो उन्हें इंजेक्शन लगता है। इसकी खासियत यह है कि पहले आयरन सुक्रोज के लिए 5 इंजेक्शन लगता था, अब सिर्फ एक ही डोज में पूरा कोर्स हो जाएगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
खून की कमी होगी दूर, बच्चे होंगे स्वस्थ्य:
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.शालनी पाठक ने बताया कि एनीमिया दूर होने से समय से पूर्व प्रसव, कम वजन के बच्चे के जन्म और प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव जैसी जटिलताओं में कमी आएगी। यह इंजेक्शन बहुत ही कारगर है। गर्भवती महिलाएं से समय पर जांच कराएं, डॉक्टर की सलाह पर इंजेक्शन लगवाएं। जिला अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. निलमा धवन ने बताया कि शरीर में खून की कमी (एनीमिया) का मुख्य कारण है। इसके अलावा प्रसूता महिलाओं में थकान आना, चक्कर आना, सांस फूलना आदि लक्षण है। महिलाओं को समय से जांच करना चाहिए। डॉक्टर के परामर्श पर दवाओं का सेवन करें।
-- -- -- -- -- -- -- --
अब तक यहां-यहां पहुंचे इतने इंजेक्शन
जिला अस्पताल - 448
एमबीएस भदोही - 100
सीएचसी डीघ - 150
औराई - 110
नोट - बाकि इंजेक्शन ड्रग वेयर हाऊस में है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
वर्जन:
गर्भवती महिलाओं में अक्सर हीमोग्लोबीन की कमी की शिकायत मिलती है। शासन की ओर से 6000 एफसीएम इंजेक्शन जिले में भेजा गया है। जिसमें चिह्नित सेंटरों पर इंजेक्शन भेज दिए गए हैं। महिलाओं में खून की कमी को दूर करने वाला यह इंजेक्शन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क लगाया जाएगा। निजी मेडिकल दुकानों पर यह इंजेक्शन पांच हजार रुपये में मिलता है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही।
विज्ञापन
जिले में प्रसूताओं की संख्या करीब 10 हजार है। हर महीने की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एचआरपी दिवस मनाया जाता है, जहां प्रसूताओं में खून कमी आदि की जांच की जाती है। वर्तमान समय में जिले में 1425 गर्भवती महिलाएं हाई रिस्क प्रेगनेंसी की श्रेणी में हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 70 फीसदी महिलाओं में हिमोग्लोबीन सात ग्राम के आसपास है। जिला अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश प्रजापति ने बताया कि गर्भवती महिला में 10 ग्राम से अधिक खून होना चाहिए, तभी सीजर होता है। अब इस तरह की महिलाओं को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन लगाया जाएगा। इससे उनका हिमोग्लोबनी ढ़ाई ग्राम तक बढ़ जाएगा। शासन की ओर से महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय और फस्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) औराई, डीघ में 708 इंजेक्शन भेजे गए हैं। यह इंजेक्शन बाजार में 5000 रुपये का मिलता है। अस्पताल में यह गर्भवती महिलाओं को निशुल्क लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में हर सातवीं गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं।
विज्ञापन
इनसेट:
पांच की जगह केवल एक इंजेक्शन लगेगा
जिला अस्पताल के स्त्री रोग एवं प्रसूता विशेषज्ञ डॉ. मुकेश प्रजापति ने बताया कि बदलती जीवन शैली और खानपान के तौर तरीका बदलने से तमाम तरह की बीमारी फैल रही है। गर्भवती महिलाओं में खून की कमी एक बड़ी समस्या है। एफसीएम इंजेक्शन प्रसूता को लगाने पर 2.5 ग्राम तक खून बढ़ता है। यह इंजेक्शन गर्भावस्था के 12 सप्ताह बाद से 34 सप्ताह में कभी लगाया जा सकता है। महिलाओं में सात ग्राम से कम हीमोग्लोबिन है तो उन्हें इंजेक्शन लगता है। इसकी खासियत यह है कि पहले आयरन सुक्रोज के लिए 5 इंजेक्शन लगता था, अब सिर्फ एक ही डोज में पूरा कोर्स हो जाएगा।
विज्ञापन
खून की कमी होगी दूर, बच्चे होंगे स्वस्थ्य:
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.शालनी पाठक ने बताया कि एनीमिया दूर होने से समय से पूर्व प्रसव, कम वजन के बच्चे के जन्म और प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव जैसी जटिलताओं में कमी आएगी। यह इंजेक्शन बहुत ही कारगर है। गर्भवती महिलाएं से समय पर जांच कराएं, डॉक्टर की सलाह पर इंजेक्शन लगवाएं। जिला अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. निलमा धवन ने बताया कि शरीर में खून की कमी (एनीमिया) का मुख्य कारण है। इसके अलावा प्रसूता महिलाओं में थकान आना, चक्कर आना, सांस फूलना आदि लक्षण है। महिलाओं को समय से जांच करना चाहिए। डॉक्टर के परामर्श पर दवाओं का सेवन करें।
अब तक यहां-यहां पहुंचे इतने इंजेक्शन
जिला अस्पताल - 448
एमबीएस भदोही - 100
सीएचसी डीघ - 150
औराई - 110
नोट - बाकि इंजेक्शन ड्रग वेयर हाऊस में है।
वर्जन:
गर्भवती महिलाओं में अक्सर हीमोग्लोबीन की कमी की शिकायत मिलती है। शासन की ओर से 6000 एफसीएम इंजेक्शन जिले में भेजा गया है। जिसमें चिह्नित सेंटरों पर इंजेक्शन भेज दिए गए हैं। महिलाओं में खून की कमी को दूर करने वाला यह इंजेक्शन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क लगाया जाएगा। निजी मेडिकल दुकानों पर यह इंजेक्शन पांच हजार रुपये में मिलता है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही।