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अब श्रमिकों के बेटों को भी मिलेगी साइकिल
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ज्ञानपुर। श्रमिकों के पढ़ने वाले बेटों को भी अब साइकिल मिलेगी। अभी तक सिर्फ बेटियों को ही साइकिल दी जा रही थी। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को यह सुविधा दी जाएगी। विभाग की ओर से इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए विभाग ने आवेदन मांगा है।
उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड की ओर से श्रमिकों और उनके परिवार के हित के लिए 22 से अधिक योजनाएं संचालित हो रही हैं। इनमें शादी अनुदान, छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा की पढ़ाई आदि शामिल हैं। पूर्व के वर्षों में श्रमिकों की बेटियों को ही साइकिल योजना का लाभ मिल रहा था, लेकिन शासन ने अब श्रमिकों के बेटों को भी साइकिल देने की योजना शुरू कर दी। जिले में कुल 38 हजार पंजीकृत श्रमिक हैं। इनके बच्चों की पढ़ाई के लिए श्रम विभाग की ओर छात्रवृत्ति दी जाती है। प्राइमरी से 12वीं तक के साथ ही उच्च शिक्षा के लिए भी श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके अलावा विभाग की ओर से बच्चों को शिक्षित करने के लिए ब्लॉक और गांव स्तर पर योजनाओं का भी संचालन होता है। श्रमिकों के बेटों को साइकिल देने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है। विभाग की ओर से श्रमिकों के बच्चों की सूची तैयार की जा रही है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रतिमा मौर्य ने बताया कि अब श्रमिकों की बेटियों के साथ ही बेटों को भी साइकिल दी जाएगी। अभी तक कुल 20 छात्रों की ओर से आवेदन आए हैं। 2020 में हाईस्कूल, इंटर और डिग्री कॉलेज की शिक्षा को उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड की ओर से श्रमिकों और उनके परिवार के हित के लिए 22 से अधिक योजनाएं संचालित हो रही हैं। इनमें शादी अनुदान, छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा की पढ़ाई आदि शामिल हैं। पूर्व के वर्षों में श्रमिकों की बेटियों को ही साइकिल योजना का लाभ मिल रहा था, लेकिन शासन ने अब श्रमिकों के बेटों को भी साइकिल देने की योजना शुरू कर दी। जिले में कुल 38 हजार पंजीकृत श्रमिक हैं। इनके बच्चों की पढ़ाई के लिए श्रम विभाग की ओर छात्रवृत्ति दी जाती है। प्राइमरी से 12वीं तक के साथ ही उच्च शिक्षा के लिए भी श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके अलावा विभाग की ओर से बच्चों को शिक्षित करने के लिए ब्लॉक और गांव स्तर पर योजनाओं का भी संचालन होता है। श्रमिकों के बेटों को साइकिल देने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है। विभाग की ओर से श्रमिकों के बच्चों की सूची तैयार की जा रही है।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रतिमा मौर्य ने बताया कि अब श्रमिकों की बेटियों के साथ ही बेटों को भी साइकिल दी जाएगी। अभी तक कुल 20 छात्रों की ओर से आवेदन आए हैं। 2020 में हाईस्कूल, इंटर और डिग्री कॉलेज की शिक्षा को उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
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