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अब माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर से होगी पढ़ाई
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ज्ञानपुर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में नए सत्र से कंप्यूटर से पढ़ाई अनिवार्य हो गई है। पहले चरण में राजकीय और वित्तपोषित विद्यालय शामिल किए गए हैं। इन स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा से जुड़े संसाधनों की रिपोर्ट मांगी गई है। उसी के आधार पर शासन संसाधन मुहैया कराएगा।
जिले में 36 राजकीय हाईस्कूल, 25 वित्तपोषित, 120 से अधिक वित्तविहीन सहित कुल 183 माध्यमिक और इंटर कॉलेज संचालित हैं। वित्तविहीन स्कूलों की हालत खराब है, एडेड और राजकीय स्कूलों में भी कंप्यूटर शिक्षा के लिए व्यवस्थाएं ठीक नहीं है। कंप्यूटर की पढ़ाई कराने के लिए अभी सभी विद्यालयों में कंप्यूटर के शिक्षक और कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में जिले के जिन स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध है वहां के छात्र इसका लाभ ले सकते हैं। सभी विद्यालयों के पास कंप्यूटर कक्ष नहीं है। वहां पर एक या दो कंप्यूटर अगर उपलब्ध भी हैं तो वह कार्यालय कार्य के लिए ही हैं। ऐसी स्थिति में सभी स्कूलों में शत-प्रतिशत कंप्यूटर की पढ़ाई करा पाना किसी चुनौती से भी कम नहीं है। शिक्षा विभाग की मानें तो शैक्षिक सत्र में जुलाई से फरवरी के बीच पांच मासिक परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। प्रथम, तृतीय और पंचम परीक्षा बहुविकल्पी होगी जबकि द्वितीय और तृतीय परीक्षा लिखित होगी। इस परीक्षा से छात्र-छात्राओं को अलग अनुभव प्राप्त होगा। सभी विद्यालयों में छात्रों की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जा रही है। बायोमैट्रिक उपस्थिति को सत्यापित करने के लिए विद्यालय पर कंप्यूटर का होना आवश्यक है। जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता ने बताया कि विद्यालय की वेबसाइट तैयार कराई जा रही है। इसके साथ छात्रों की भी मेल आईडी भी बनाई जाएगी। वित्तपोषित और राजकीय हाईस्कूल से संसाधन के बारे में भी रिपोर्ट मांगी गई है।
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जिले में 36 राजकीय हाईस्कूल, 25 वित्तपोषित, 120 से अधिक वित्तविहीन सहित कुल 183 माध्यमिक और इंटर कॉलेज संचालित हैं। वित्तविहीन स्कूलों की हालत खराब है, एडेड और राजकीय स्कूलों में भी कंप्यूटर शिक्षा के लिए व्यवस्थाएं ठीक नहीं है। कंप्यूटर की पढ़ाई कराने के लिए अभी सभी विद्यालयों में कंप्यूटर के शिक्षक और कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में जिले के जिन स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध है वहां के छात्र इसका लाभ ले सकते हैं। सभी विद्यालयों के पास कंप्यूटर कक्ष नहीं है। वहां पर एक या दो कंप्यूटर अगर उपलब्ध भी हैं तो वह कार्यालय कार्य के लिए ही हैं। ऐसी स्थिति में सभी स्कूलों में शत-प्रतिशत कंप्यूटर की पढ़ाई करा पाना किसी चुनौती से भी कम नहीं है। शिक्षा विभाग की मानें तो शैक्षिक सत्र में जुलाई से फरवरी के बीच पांच मासिक परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। प्रथम, तृतीय और पंचम परीक्षा बहुविकल्पी होगी जबकि द्वितीय और तृतीय परीक्षा लिखित होगी। इस परीक्षा से छात्र-छात्राओं को अलग अनुभव प्राप्त होगा। सभी विद्यालयों में छात्रों की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जा रही है। बायोमैट्रिक उपस्थिति को सत्यापित करने के लिए विद्यालय पर कंप्यूटर का होना आवश्यक है। जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता ने बताया कि विद्यालय की वेबसाइट तैयार कराई जा रही है। इसके साथ छात्रों की भी मेल आईडी भी बनाई जाएगी। वित्तपोषित और राजकीय हाईस्कूल से संसाधन के बारे में भी रिपोर्ट मांगी गई है।
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