{"_id":"5ee764e58ebc3e43106ce467","slug":"notice-to-70-secretaries-on-negligence-bhadohi-news-vns5302282151","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही पर 70 सचिवों को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही पर 70 सचिवों को नोटिस
विज्ञापन
ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की वार्षिक कार्ययोजना साफ्टवेयर प्रिया साफ्ट पर अपलोड न करने पर डीपीआरओ ने जिले के 70 सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। सख्त चेतावनी दिया कि तीन दिन में काम पूर्ण न होने पर सभी का वेतन एवं वेतन वृद्धि रोक दिया जाएगा।
जिले की ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त एवं चौदहवें वित्त से मनरेगा, खड़ंजा, शौचालय समेत अन्य विकास कार्य होता है। मार्च माह के अंत तक सभी ग्राम पंचायतों की ओर से 2020-21 वित्तीय वर्ष में होने वाले विकास कार्यों का प्रस्ताव बनाकर दिया जाता है। इस बार कोविड-19 के कारण सचिवों को दो माह की मोहलत दी गई। शासन की ओर से 26 मई तक प्रस्ताव को आनलाइन अपलोड करने का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन 561 ग्राम पंचायतों में कुछेक को छोड़कर अधिकतर की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया। सख्त हिदायत देने के बाद भी सेक्रेटरी लापरवाह बने रहे।
डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने छह ब्लॉक के 70 सचिवों को नोटिस भेजकर सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जरूरी कार्यों को लेकर लापरवाही बरती जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताते चलें कि कार्ययोजना प्रस्तुत न होने से वित्तीय वर्ष का बजट आवंटन में समस्या आएगी। इससे आने वाले समय में विकास कार्य भी कराना मुश्किल होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले की ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त एवं चौदहवें वित्त से मनरेगा, खड़ंजा, शौचालय समेत अन्य विकास कार्य होता है। मार्च माह के अंत तक सभी ग्राम पंचायतों की ओर से 2020-21 वित्तीय वर्ष में होने वाले विकास कार्यों का प्रस्ताव बनाकर दिया जाता है। इस बार कोविड-19 के कारण सचिवों को दो माह की मोहलत दी गई। शासन की ओर से 26 मई तक प्रस्ताव को आनलाइन अपलोड करने का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन 561 ग्राम पंचायतों में कुछेक को छोड़कर अधिकतर की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया। सख्त हिदायत देने के बाद भी सेक्रेटरी लापरवाह बने रहे।
विज्ञापन
डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने छह ब्लॉक के 70 सचिवों को नोटिस भेजकर सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जरूरी कार्यों को लेकर लापरवाही बरती जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताते चलें कि कार्ययोजना प्रस्तुत न होने से वित्तीय वर्ष का बजट आवंटन में समस्या आएगी। इससे आने वाले समय में विकास कार्य भी कराना मुश्किल होगा।
विज्ञापन