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निषादवंशियों ने एससी आरक्षण के लिए भरी हुंकार

Thu, 07 Jan 2016 01:44 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही Updated Thu, 07 Jan 2016 01:44 AM IST
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Nishadvanshion SC reservation for the full shout
 इसमें बड़ी संख्या में जिले के निषादवंशियों ने भाग लिया। चेतावनी दी कि केंद्र और राज्य सरकारों ने अगर उनकी मांगें नहीं मानी तो चुनाव में सबक सिखाया जाएगा।
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राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राम संभार निषाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज के लोगों के उत्थान की जरूरत पर बल दिया।

कहा कि नाविक, मछुआरा समाज का पेशा छिन जाने के कारण वे भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। कहा कि देश की अनुसुचित जाति की सूची में केवट, मल्लाह, मांझी आदि जातियां पहले से ही शामिल हैं, लेकिन आज तक इन्हें अनुसूचित जाति में शामिल नहीं किया गया है।
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अनुसूचित जाति के लाभ से वंचित होने के कारण उनकी स्थिति दयनीय हो चुकी है। 2006 में घुमंतू, अर्ध घुमंतू, विमुक्त जनजाति आयोग बनाया गया था, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर महाराष्ट्र, उडीसा, आंध्र प्रदेश समेत सात राज्यों ने निषादवंशियों को आरक्षण प्रदान किया है।
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 लेकिन, उत्तर प्रदेश सरकार वोट की राजनीति के कारण इस समुदाय का हक नहीं दे रही है। संगठन के जिलाध्यक्ष गिरजाशंकर केवट ने कहा कि निषाद समाज अब जाग चुका है।


 यदि केंद्र और प्रदेश सरकार हमारा का हक नहीं देगी तो आगामी विधानसभा चुनाव में जनता सबक सिखाएगी। परिषद के प्रदेश महासचिव रमेश चंद्र केवट ने कहा कि प्रदेश सरकार ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर कई मुकदमे थोप कर जेल में डाल दिया।

चेतावनी दी कि अगर अध्यक्ष और आंदोलनकारियों के मुकदमे वापस कर उन्हें रिहा नहीं किया गया तो संगठन बड़ा आंदोलन करेगा।
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