MLA विजय मिश्र: बेटियों ने आगे बढ़कर संभाला मोर्चा, मुसीबत में पहले भी आगे आ चुकी हैं विधायक पुत्रियां
- 2007 विस चुनाव में सीमा ने संभाला था पिता का प्रचार अभियान
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समय के साथ ढीली पड़ती परंपराओं की बेड़ियों के चलते अब बेटियां पिता की शवयात्रा तक को कंधा देने लगी हैं, लेकिन जब बात आती है पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की तो बेटियों की भूमिका बेटों से अब कहीं आगे निकलती दिख रही है।
इसकी ताजी बानगी हाल के दिनों में दो मुकदमों में घिरे ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र की बेटियां बनी हैं। पांच बेटियों के पिता ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक विजय मिश्र को बेटियों ने मुसीबत के वक्त खूब बल दिया है।
रिश्तेदार के साथ संपत्ति पर कब्जा करने के विवाद में सलाखों के पीछे जा चुके विधायक के साथ बेटे विष्णु मिश्र और पत्नी रामलली को भी आरोपी बना दिए जाने के बाद जब परिवार पर मुसीबत आई तो बेटियों ने आगे बढ़कर मोर्चा संभाल लिया।
विधायक की अधिवक्ता बेटी रीमा पांडेय जहां पिता को लेकर पुलिस के कोर्ट पहुंचने से पहले सीजेएम कोर्ट परिसर पहुंच गईं, वहीं बड़ी बेटी सीमा भी पिता के बचाव में पूरी तरह उतरी नजर आईं।
सहसा ही लोगों को 2007 विधानसभा चुनाव के दिन याद आ गए, जब बसपा सरकार में पिता के जेल में होते हुए भी बेटी सीमा मिश्रा ने चुनाव की पूरी कमान संभाल ली थी। मां रामलली के साथ उन्होंने क्षेत्र भ्रमण कर ऐसा प्रचार किया था, जो लोगों के बीच चर्चा का सबब बन गया।
एक बार फिर जब पिता पर विपदा आई है तो बेटियों ने बढ़कर मोर्चा संभाल लिया है। हाईकोर्ट की अधिवक्ता रीमा पांडेय पिता विजय मिश्र के बचाव में न सिर्फ कानूनी कार्रवाई करती नजर आईं, बल्कि उनके बचाव के लिए जरूरी हथकंडे अपनाते हुए विरोधियों और पुलिस पर हमलावर भी दिखीं।