घोसिया। नगर पंचायत खमरिया के सीवर का पानी मिर्जापुर जिले के सीमावर्ती गांव जगापट्टी में बहाने का चर्चित मामला शुक्रवार को एक बार फिर तूल पकड़ लिया। इस बार मिर्जापुर के सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने दोनों जिले के अधिकारियों और प्रभावित किसानों के साथ घंटों मौके पर रहकर मसला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। एक सप्ताह का समय लेकर समस्या का समाधान निकालने की बात कहकर जिम्मेदार आगे बढ़ गए।
जगापट्टी गांव के किसान रामरक्षा यादव, निरंजन यादव, जिलाजीत मौर्य, राजनारायण मौर्य आदि ने विंध्याचल मंडलायुक्त योगेश्वरराम मिश्रा से शिकायत की थी कि नगर पंचायत प्रशासन जानबूझ कर किसानों के लगभग 30-40 बीघे उपजाऊ खेतों को जलमग्न कर रहा है। उसमें खमरिया नगर का पानी बह रहा है। मंडलायुक्त के निर्देश पर सप्ताहभर पूर्व एडीएम एसके मिश्रा ने नगर प्रशासन के साथ प्रभावित खेतों में जमे पानी को जेसीबी मशीन से निकलवाने का प्रयास किया, लेकिन मिर्जापुर के अधिकारियों के न आने से वह लौट गए। दो वर्ष से जटिल हो चुकी समस्या का मामला मिर्जापुर सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा के पहुंचा तो शुक्रवार को वह भी मौके पर पहुंचे। जेसीबी से मिट्टी पटे कच्चे बाहे को साफ कराने की कोशिश शुरू हुई तो सतनी देवी ने अवरोध खड़ा कर दिया। विधायक और अधिकारियों ने जब ईओ विजय यादव से पूछताछ की तो सामने आया कि बोर्ड की बैठक में पक्का नाला बनाने के लिए तीन करोड़ 50 लाख बजट प्रस्तावित हुआ है। विधायक ने एक सप्ताह का समय मांगकर समस्या समाधान कराने की बात कही। इस मौके पर एडीएम भदोही एसके मिश्रा, एडीएम मिर्जापुर यूपी सिंह, एसपी सिटी संजय वर्मा, थानाध्यक्ष चील्ह राघवेंद्र सिंह, उमेश तिवारी, उमेश सिंह, शिव कुमार मौर्य आदि रहे।