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पारा लुढ़का, सर्द हवाओं से कंपकपी
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
Updated Sat, 12 Dec 2015 01:43 AM IST
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शुक्रवार को पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। चार बजे ही अंधेरा सा छाने लगा। लिहाजा लोग घरों में दुबक गए।
शुक्रवार को पौ फटी तो सर्द हवाओं के झोंके हाड़ कंपा रहे थे।
कोहरे की धुंध कम थी, लेकिन गलन बरकरार रही। इसका असर रोजमर्रा के जीवन पर भी पड़ा। भोर में टहलने के लिए निकलने वालों की तादाद सामान्य दिनों की अपेक्षा बेहद कम रही।
जो निकले भी तो सिर से पांव तक गर्म कपड़ों से लदकर। सर्द हवा के झोंकों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। हवाओं के चलते धुंध तो कम रही, लेकिन तापमान गिरने से गलन ने कंपकपी बढ़ा दी।
शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्शियस रिकार्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्शियस रहा। दिन में भी हल्की धुंध सी छाई रही और भगवान भास्कर के दर्शन नहीं हुए।
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दोपहर में कुछ देर के लिए बादलों की ओट से झांकने के बाद सूर्यदेव छिप गए और लोग ठंड से कांपने लगे। शाम चार बजे के बाद ही अंधेरा सा छाने लगा और लोग घरों में दुबकने लगे।
ठंड बढ़ने के चलते सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हुई। ठंड को देखते हुए नगर में जहां-तहां सार्वजनिक अलाव भी जलने शुरू हो गए हैं।
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शुक्रवार को पौ फटी तो सर्द हवाओं के झोंके हाड़ कंपा रहे थे।
कोहरे की धुंध कम थी, लेकिन गलन बरकरार रही। इसका असर रोजमर्रा के जीवन पर भी पड़ा। भोर में टहलने के लिए निकलने वालों की तादाद सामान्य दिनों की अपेक्षा बेहद कम रही।
जो निकले भी तो सिर से पांव तक गर्म कपड़ों से लदकर। सर्द हवा के झोंकों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। हवाओं के चलते धुंध तो कम रही, लेकिन तापमान गिरने से गलन ने कंपकपी बढ़ा दी।
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शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्शियस रिकार्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्शियस रहा। दिन में भी हल्की धुंध सी छाई रही और भगवान भास्कर के दर्शन नहीं हुए।
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दोपहर में कुछ देर के लिए बादलों की ओट से झांकने के बाद सूर्यदेव छिप गए और लोग ठंड से कांपने लगे। शाम चार बजे के बाद ही अंधेरा सा छाने लगा और लोग घरों में दुबकने लगे।
ठंड बढ़ने के चलते सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हुई। ठंड को देखते हुए नगर में जहां-तहां सार्वजनिक अलाव भी जलने शुरू हो गए हैं।