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‘गुलाबी’ हथिनी का नया ठिकाना मथुरा संरक्षण केंद्र
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बलभद्रपुर से 24 मई को पकड़ी गई हथिनी ‘गुलाबी’ का नया ठिकाना अब मथुरा हाथी संरक्षण केंद्र होगा। बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संरक्षण केंद्र भेजने का आदेश दिया। न्यायालय का आदेश मिलते ही वन विभाग इसका पालन कराने में जुट गया है।
एक सप्ताह पूर्व 24 मई को मोढ़ के बलभद्रपुर से वन विभाग ने लाइसेंस नहीं होने पर गुलाबी हथिनी को एक व्यक्ति के यहां से अपने अभिरक्षा में ले लिया था। उसे वन विभाग कार्यालय के बाहर बांधकर रखा गया है। इस मामले में शैलेश उर्फ मोने तिवारी जिसके खिलाफ शिकायत हुई थी, उसे गिरफ्तार किया गया था। हथिनी का मालिक होने का दावा करने वाले धर्मेंद्र तिवारी ने कागजात प्रस्तुत किए, परंतु विभाग उनके कागजात को सही नहीं बता रहा है। विभाग ने मामला सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दिया था। इस पर 30 मई को तारीख पड़ी थी। विभाग की ओर से रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सुनवाई की 31 मई की तारीख पड़ी। इस तिथि पर सुनवाई में दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष रखे। न्यायालय ने मामले की सुनवाई कर फैसला सुरक्षित कर लिया था। इस बीच बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उक्त हथिनी को मथुरा हाथी संरक्षण केंद्र भेजने का आदेश दिया। वन विभाग के अधिवक्ता पीसी उपाध्याय ने बताया कि कोर्ट ने कहा है कि जब तक सभी कागजात की सही से जांच नहीं होगी, तब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी। ऐसे में हाथी को संरक्षण केंद्र भेजा जाय। वन विभाग के ज्ञानपुर रेंजर रिचेश मिश्र ने बताया कि कोर्ट ने हथिनी को मथुरा हाथी संरक्षण केंद्र भेजने का आदेश दिया है। आदेश का पालन करने की तैयारी की जा रही है।
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एक सप्ताह पूर्व 24 मई को मोढ़ के बलभद्रपुर से वन विभाग ने लाइसेंस नहीं होने पर गुलाबी हथिनी को एक व्यक्ति के यहां से अपने अभिरक्षा में ले लिया था। उसे वन विभाग कार्यालय के बाहर बांधकर रखा गया है। इस मामले में शैलेश उर्फ मोने तिवारी जिसके खिलाफ शिकायत हुई थी, उसे गिरफ्तार किया गया था। हथिनी का मालिक होने का दावा करने वाले धर्मेंद्र तिवारी ने कागजात प्रस्तुत किए, परंतु विभाग उनके कागजात को सही नहीं बता रहा है। विभाग ने मामला सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दिया था। इस पर 30 मई को तारीख पड़ी थी। विभाग की ओर से रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सुनवाई की 31 मई की तारीख पड़ी। इस तिथि पर सुनवाई में दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष रखे। न्यायालय ने मामले की सुनवाई कर फैसला सुरक्षित कर लिया था। इस बीच बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उक्त हथिनी को मथुरा हाथी संरक्षण केंद्र भेजने का आदेश दिया। वन विभाग के अधिवक्ता पीसी उपाध्याय ने बताया कि कोर्ट ने कहा है कि जब तक सभी कागजात की सही से जांच नहीं होगी, तब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी। ऐसे में हाथी को संरक्षण केंद्र भेजा जाय। वन विभाग के ज्ञानपुर रेंजर रिचेश मिश्र ने बताया कि कोर्ट ने हथिनी को मथुरा हाथी संरक्षण केंद्र भेजने का आदेश दिया है। आदेश का पालन करने की तैयारी की जा रही है।
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