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मकर संक्रांति: श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
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सीतामढ़ी में गंगा घाट पर डुबकी लगाते श्रद्धालु।
- फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। माघ मकरगत रवि जब होई, तीरथपतिहिं आव सब कोई...। प्रयागराज से लगे भदोही जिले के गंगा घाटों पर बृहस्पतिवार को आस्थावानों का रेला उमड़ा। सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश करने की बेला में गंगा स्नान का पुण्यलाभ लेने के लिए बड़ी तादाद में श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दान कर पर्व की परंपरा निभाई। इसके बाद लाई-चूड़ा, तिलकुट और गुड़ से बने खाद्य पदार्थों को बतौर प्रसाद लोगों में वितरण और दान किया गया। फिर घर-घर खिचड़ी बनी।
मकर संक्रांति (खिचड़ी) पर्व बृहस्पतिवार को जिले में पूरे जोश और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह घने कोहरे के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर स्नान कर दान पुण्य किया। सुबह से स्नान आदि के बाद नए-नए परिधानों से सजकर युवा और बच्चे जहां पर्व मनाने की मस्ती में डूब गए वहीं परंपरागत ढंग से बहन-बेटियों के यहां खिचड़ी भेजने का सिलसिला भी पूरे दिन जारी रहा। लोग साइकिल, बाइक और चार पहिया से खिचड़ी लेकर पहुंचे। जिले के आधा दर्जन से अधिक गंगा घाटों पर मकर संक्रांति पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर से ही गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो गया, जो दोपहर तक जारी रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने लाई-चूड़ा और गुड़ से बने सामान को प्रसाद के रूप में एक-दूसरे के घर पहुंचाया। फिर घरों में खिचड़ी बनी और लोगों ने दही-चूड़ा के बाद खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। तमाम स्थानों पर स्वयं सेवी संस्थाओं ने गरीबों और जरूरतमंदों में खिचड़ी का वितरण भी किया।
जिले के सीतामढ़ी और कोनिया क्षेत्र के अन्य घाटों पर मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गोपीगंज के रामपुर गंगा घाट, इब्राहिमपुर, गुलौरी, बेरासपुर, बिहरोजपुर, भोगांव आदि घाटों पर भी मकर संक्रांति के अवसर पर स्नान करने वालों की भीड़ पहुंची। जंगीगंज संवाददाता के अनुसार, सेमराधनाथ स्थित कल्पवास में भोर से ही कल्पवासी संग आसपास के ग्रामीणों ने स्नान किया। उसके बाद लाई, चूड़ा, तिलकुट आदि का दान देकर पुण्य कमाया।
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मकर संक्रांति (खिचड़ी) पर्व बृहस्पतिवार को जिले में पूरे जोश और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह घने कोहरे के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर स्नान कर दान पुण्य किया। सुबह से स्नान आदि के बाद नए-नए परिधानों से सजकर युवा और बच्चे जहां पर्व मनाने की मस्ती में डूब गए वहीं परंपरागत ढंग से बहन-बेटियों के यहां खिचड़ी भेजने का सिलसिला भी पूरे दिन जारी रहा। लोग साइकिल, बाइक और चार पहिया से खिचड़ी लेकर पहुंचे। जिले के आधा दर्जन से अधिक गंगा घाटों पर मकर संक्रांति पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर से ही गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो गया, जो दोपहर तक जारी रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने लाई-चूड़ा और गुड़ से बने सामान को प्रसाद के रूप में एक-दूसरे के घर पहुंचाया। फिर घरों में खिचड़ी बनी और लोगों ने दही-चूड़ा के बाद खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। तमाम स्थानों पर स्वयं सेवी संस्थाओं ने गरीबों और जरूरतमंदों में खिचड़ी का वितरण भी किया।
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जिले के सीतामढ़ी और कोनिया क्षेत्र के अन्य घाटों पर मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गोपीगंज के रामपुर गंगा घाट, इब्राहिमपुर, गुलौरी, बेरासपुर, बिहरोजपुर, भोगांव आदि घाटों पर भी मकर संक्रांति के अवसर पर स्नान करने वालों की भीड़ पहुंची। जंगीगंज संवाददाता के अनुसार, सेमराधनाथ स्थित कल्पवास में भोर से ही कल्पवासी संग आसपास के ग्रामीणों ने स्नान किया। उसके बाद लाई, चूड़ा, तिलकुट आदि का दान देकर पुण्य कमाया।
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