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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Ganga rising at a rate of 5 cm; water level increased by two meters in 24 hours.

Bhadohi News: पांच सेमी की रफ्तार से बढ़ रहीं गंगा, 24 घंटे में दो मीटर बढ़ा जलस्तर

Mon, 31 Aug 2026 01:57 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 01:57 AM IST
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Ganga rising at a rate of 5 cm; water level increased by two meters in 24 hours.
गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बाद घाटों के ऊपर तक चढ़ गया है पानी। संवाद
सीतामढ़ी। जिले में गंगा का जलस्तर बीते 24 घंटे में तेजी से बढ़ा है। रविवार को गंगा का जलस्तर इस सीजन के उच्चस्तर पर पहुंच गया। करीब पांच सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहीं गंगा के बीच तटवर्ती इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। बीते 24 घंटे की बात करें तो गंगा का जलस्तर करीब दो मीटर तक बढ़ गया है। जलस्तर के बीच रविवार को केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 77 मीटर पार कर 77.200 मीटर पर पहुंच गया।
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देश व प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश और गंगा की सहायक नदियों में आए उफान के बीच गंगा के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिस तरह से गंगा का पानी बढ़ रहा है, आने वाले दो से तीन दिनों में गंगा चेतावनी बिंदु तक पहुंच सकती हैं। जलस्तर बढ़ने से तराई इलाके की जमीनें जलमग्न हो गई हैं। लगभग एक से डेढ़ मीटर जलस्तर और बढ़ने के बाद कोनिया के छेछुआ, भुर्रा, इटहरा आदि गावों में कटान भी शुरू हो जाएगा। जलस्तर बढ़ते देख किसानों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। रविवार की शाम 5 बजे गंगा का जलस्तर 77.200 मीटर तक पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु से तीन मीटर नीचे है। हालांकि अभी इतने जलस्तर से किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है, लेकिन यही पानी वाराणसी के निचले इलाकों में नुकसान पहुंचा सकता है। गंगा के बढ़ते जलस्तर से कोनिया क्षेत्र के कटान प्रभावित छेछुआ, भुर्रा, इटहरा आदि गांवों के किसानों में बेचैनी बढ़ने लगी है।
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पुरवा हवा चलने पर लहरें उठने से होती है कटान: पुरवा हवा शुरू होते ही पानी में ऊंची-ऊंची लहरें भी उठने लगती हैं। हालांकि अभी नौका का संचालन सुचारु रूप से जारी है। तीन ओर गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र को बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। कोनिया के छेछुआ, भुर्रा, इटहरा सहित कई गांवों में कटान एक प्रमुख समस्या है। हालांकि अभी जलस्तर कम होने से कटान की समस्या शुरू नहीं हुई है। गंगा में खतरे का निशान 80.20 मीटर और चेतावनी बिंदु 81.20 मीटर है। इस लिहाज से जलस्तर अब खतरे के निशान से महज चार मीटर दूर है। अगर जलस्तर ऐसे हीबढ़ता रहा तो गंगा का पानी किसानों के खेतों में बोई गई ज्वार, बाजरा, अरहर, उडद आदि की फसलें डूब जाएंगी। किसानों का कहना है कि गंगा का पानी जिस खेत में पहुंच जाता है उन खेतों में बोई गई ज्वार, बाजरा, अरहर, उड़द की फसल पूरी तरह नष्ट हो जाती है।
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