उफान पर गंगा: सीजन में पहली बार 78 के करीब पहुंचा जलस्तर, भदोही में तटीय ग्रामीण चिंतित; कटान का खतरा बढ़ा
गंगा का जलस्तर उफान पर है और इस सीजन में पहली बार 78 मीटर के करीब पहुंच गया है। पानी चार से पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है, जिससे तटीय गांवों के लोग चिंतित हैं। घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं। छेछुआ, भुर्रा और इटहरा में कटान का खतरा भी बढ़ गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गंगा में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से अब उफान की स्थिति बनने लगी है। बीते 24 घंटे में गंगा का जलस्तर करीब एक मीटर बढ़ गया है। सोमवार शाम छह बजे तक जलस्तर 77.870 मीटर दर्ज किया गया। पानी चार से पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती इलाकों के लोगों में बेचैनी बढ़ने लगी है। सीजन में पहली बार 78 के करीब जलस्तर पहुंचा है।
प्रदेश और जिले में हो रही बारिश से गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। 21 से 22 अगस्त तक 77 मीटर तक पानी पहुंचने के बाद घटने लगा था लेकिन दो दिन पूर्व से फिर जलस्तर बढ़ने लगा है। सीतामढ़ी में गंगा बाढ़ के पानी में पक्की सीढ़ियां डूबती जा रहीं है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती क्षेत्र के गंगा किनारे के किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार बनी रही तो अगले दो से तीन दिनों में गंगा के चेतावनी बिंदु तक पहुंचने की आशंका है। कोनिया क्षेत्र के गंगा कटान प्रभावित छेछुआ, भुर्रा और इटहरा आदि गांवों में गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो अगले एक-दो दिनों में गंगा कटान शुरू होने की आशंका जताई जा रही है।
कटान शुरू होने पर किसानों की खेती योग्य जमीन नदी की धारा में समाने का खतरा बढ़ जाएगा। इधर, सीतामढ़ी स्थित उड़िया बाबा आश्रम के पास गंगा का बाढ़ का पानी पहुंच गया है। पश्चिम वाहिनी इटहरा में गंगा तट के समीप स्थित नागा बाबा आश्रम के पास भी पानी पहुंचने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर करीब एक मीटर और बढ़ा तो बाढ़ का पानी आश्रम परिसर में प्रवेश कर सकता है।
अधिशासी अभियंता नहर सुधीर कुमार पाल ने कहा कि अभी चेतावनी बिंदु 80.200 मीटर से पानी करीब दो मीटर नीचे है। प्रशासन की तरफ से तैयारी पूरी है। जिन कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है उनको अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
कटान से गंगा में समा जाती है उपजाऊ भूमि
जिले में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भले ही अभी पानी चेतावनी बिंदु से दो मीटर से नीचे है लेकिन इटहरा, छेछुआ, भुर्रा अति संवेदनशील क्षेत्र हैं। यहां पर 78 मीटर के पार पानी पहुंचते ही उपजाऊ भूमि कटकर गंगा में समाने लगती है। पूर्व के वर्षों में हुए कटान से 15 से 20 किसानों की कई बिस्वा जमीन गंगा में समा चुकी है।