{"_id":"6a4eaecaea1d09a48e07fed7","slug":"locks-on-sub-health-centers-cho-and-anm-missing-bhadohi-news-c-191-1-gyn1001-145499-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: उप स्वास्थ्य केंद्रों पर 'ताले', सीएचओ व एएनएम गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: उप स्वास्थ्य केंद्रों पर 'ताले', सीएचओ व एएनएम गायब
विज्ञापन
सुजातपुर उपकेंद्र पर लटक रहा ताला। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। जिले के उप स्वास्थ्य केंद्रों की हालत खस्ता है। 206 उप स्वास्थ्य केंद्रों में अधिकतर पर न तो मरीजों को दवा मिल रही है और न ही समय से एएनएम और सीएचओ मौजूद रहती हैं। उपचार की आस में सेंटर पहुंचे मरीजों को लौटना पड़ रहा है। सेंटर के सूचनापट्ट पर सूचना तो अंकित है, लेकिन एएनएम और सीएचओ गायब हैं। कई सेंटरों तक जाने के लिए रास्ता भी नहीं है। तेज बारिश होने पर मरीजों और तीमारदारों को जलभराव के बीच से गुजरना पड़ता है। ग्रामीण अंचल में प्रसूताओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने और उन्हें दूर के केंद्रों का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए जिले में 206 उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इन उप स्वास्थ्य केंद्रों पर हर दिन 2500 से 3000 की ओपीडी होती है, जहां एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की तैनाती है।
ग्रामीणों के बेहतर उपचार के लिए बने इन सेंटरों को खुद ही उपचार की तलाश है। बुधवार को हमारी टीम ने जिले के करीब 20 उप स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल की। पड़ताल के दौरान केदारपुर, छतमी, सरायजगदीश, सेमराध, इनारगांव, सोनेचा और बड़ागांव के सेंटरों पर ताला बंद मिला।
बताया गया कि केदारपुर की एएनएम अवकाश पर हैं, जबकि अन्य स्वास्थ्यकर्मी टीकाकरण के लिए गांव में गई थीं। यहां पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। पड़ताल के दौरान खमरिया और वारी जैसे सेंटरों तक जाने का रास्ता भी स्पष्ट नहीं मिला। खमरिया का सेंटर संकरी गली में है। सवाल है कि अगर प्रसूता को प्रसव पीड़ा होगी तो गली में एंबुलेंस कैसे पहुंचेगी। वारी सेंटर के आसपास जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसी रास्ते से मरीज केंद्र तक पहुंचते हैं। बाबूसराय केंद्र के सामने नाली का दूषित पानी खुले में बह रहा है। केंद्र पर आने से पहले मरीज नाक बंद करके पहुंचते हैं।
विज्ञापन
यहां लटकता मिला ताला
पड़ताल के दौरान सुजातपुर, वारी, गजधरा और गांधी सेंटर पर ताला लटका मिला। परिसर में गंदगी फैली थी। कई दिनों से यहां सफाई नहीं हुई थी। आसपास पूछने पर लोगों ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी कब आते हैं और कब जाते हैं, इसकी जानकारी नहीं है। सेंटर पर आए किशन ने बताया कि गजधरा में दो दिन से एएनएम नहीं आ रही हैं। इससे पहले आती थीं।
प्रतिक्रिया
बाबूसराय सेंटर के सामने खुली नाली का पानी बह रहा है। यहां आने पर संक्रमित बीमारी होने का डर रहता है। बारिश के दिनों में रुमाल से नाक बंद करके यहां आते हैं। - वसीम अली, बाबूसराय:
वारी उप स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण संबंधी जानकारी लेने पहुंचा था। पहले कीचड़ से भरे रास्ते से होकर किसी तरह पहुंचा, लेकिन यहां कोई नहीं मिला। किससे जानकारी ली जाए। - श्याम मोहन, वारी
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर होते हैं ये काम
- प्रसूता महिलाओं का उपचार
- शुगर, बीपी समेत 10 प्रकार की जांच
- संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों से बचाव को दवा
- वरिष्ठ चिकित्सकों का ऑनलाइन परामर्श
-मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण
जिन-जिन सेंटरों पर ताला बंद मिला है, वहां के सीएचओ से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। उप स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण इलाके में प्रसूताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए हैं। अगर इसमें लापरवाही बरती जा रही है तो कार्रवाई होगी। अधिकतर सेंटर किराये पर चल रहे हैं। इसलिए कुछ सेंटरों के रास्ते संकरे हो सकते हैं। नई जगह देखी जाएगी। - डॉ. एसके चक, सीएमओ
विज्ञापन
ग्रामीणों के बेहतर उपचार के लिए बने इन सेंटरों को खुद ही उपचार की तलाश है। बुधवार को हमारी टीम ने जिले के करीब 20 उप स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल की। पड़ताल के दौरान केदारपुर, छतमी, सरायजगदीश, सेमराध, इनारगांव, सोनेचा और बड़ागांव के सेंटरों पर ताला बंद मिला।
विज्ञापन
बताया गया कि केदारपुर की एएनएम अवकाश पर हैं, जबकि अन्य स्वास्थ्यकर्मी टीकाकरण के लिए गांव में गई थीं। यहां पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। पड़ताल के दौरान खमरिया और वारी जैसे सेंटरों तक जाने का रास्ता भी स्पष्ट नहीं मिला। खमरिया का सेंटर संकरी गली में है। सवाल है कि अगर प्रसूता को प्रसव पीड़ा होगी तो गली में एंबुलेंस कैसे पहुंचेगी। वारी सेंटर के आसपास जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसी रास्ते से मरीज केंद्र तक पहुंचते हैं। बाबूसराय केंद्र के सामने नाली का दूषित पानी खुले में बह रहा है। केंद्र पर आने से पहले मरीज नाक बंद करके पहुंचते हैं।
विज्ञापन
यहां लटकता मिला ताला
पड़ताल के दौरान सुजातपुर, वारी, गजधरा और गांधी सेंटर पर ताला लटका मिला। परिसर में गंदगी फैली थी। कई दिनों से यहां सफाई नहीं हुई थी। आसपास पूछने पर लोगों ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी कब आते हैं और कब जाते हैं, इसकी जानकारी नहीं है। सेंटर पर आए किशन ने बताया कि गजधरा में दो दिन से एएनएम नहीं आ रही हैं। इससे पहले आती थीं।
प्रतिक्रिया
बाबूसराय सेंटर के सामने खुली नाली का पानी बह रहा है। यहां आने पर संक्रमित बीमारी होने का डर रहता है। बारिश के दिनों में रुमाल से नाक बंद करके यहां आते हैं। - वसीम अली, बाबूसराय:
वारी उप स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण संबंधी जानकारी लेने पहुंचा था। पहले कीचड़ से भरे रास्ते से होकर किसी तरह पहुंचा, लेकिन यहां कोई नहीं मिला। किससे जानकारी ली जाए। - श्याम मोहन, वारी
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर होते हैं ये काम
- प्रसूता महिलाओं का उपचार
- शुगर, बीपी समेत 10 प्रकार की जांच
- संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों से बचाव को दवा
- वरिष्ठ चिकित्सकों का ऑनलाइन परामर्श
-मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण
जिन-जिन सेंटरों पर ताला बंद मिला है, वहां के सीएचओ से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। उप स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण इलाके में प्रसूताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए हैं। अगर इसमें लापरवाही बरती जा रही है तो कार्रवाई होगी। अधिकतर सेंटर किराये पर चल रहे हैं। इसलिए कुछ सेंटरों के रास्ते संकरे हो सकते हैं। नई जगह देखी जाएगी। - डॉ. एसके चक, सीएमओ