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वृहद नाला निर्माण की शुरु हुई पहल
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ज्ञानपुर। लगभग 15 वर्ष से उपेक्षित जंगीगंज रेलवे स्टेशन-सूफीनगर मार्ग के किनारे वृहद नाला निर्माण की पहल जिला पंचायत ने शुरू कर दिया है। बुधवार को दूसरी बार पत्र डीघ ब्लाक प्रशासन को भेजकर समस्या का समाधान करने के लिए रिपोर्ट मांगा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से स्टेशन को जोड़ते हुए उक्त सड़क दरवांसी, सुधवै, मैलौना, गोधना, रजमला, कोइरौना, सदाशिवपट्टी, चंदापुर समेत तटवर्ती 50 गांवों के राहगीरों की राह आसान करती है। लगभग 14 वर्ष पहले जिला पंचायत ने सड़क को अपने अधीन कर 20 लाख की लागत से लगभग पौने दो किलोमीटर तक निर्माण करा दिया। निर्माण के बाद से न सड़क की देखरेख हो सकी न जनप्रतिनिधियों ने दुरुस्तीकरण प्रस्ताव में शामिल कर जीर्णोद्घार कराया। बारिश के दिनों में सड़क जलजमाव के कारण तीन फीट की गहराई में धंस गई। बारिश थमने के बावजूद न जलजमाव दूर करने में ब्लाक प्रशासन स्टीमेट तैयार करा सका न ग्राम पंचायते मनरेगा के तहत नाला बनवाने के लिए आगे आ सकी और कागज पर नाला तैयार होने के बाद ब्लाक प्रशासन ने भुगतान भी कर चुका है। 2020 में किसी तरह जिला पंचायत ने 10 लाख खर्च कर सड़क का डामरीकरण तो करा दिया लेकिन नाला के अभाव में बारिश और घरों से निकलने वाला गंदा सड़क को पुन:उसी स्थिति में लाकर छोड़ दिया। डीएम आर्यका अखौरी के निर्देश पर दुर्गा पूजा, विसर्जन के समय होनेेेेेेेेेेे वाली परेशानी को देखते हुए जिला पंचायत के अधिकारियों ने पांच ट्रक गिट्टी, भस्सी जलजमाव वाले स्थान पर डलवाकर आवागमन सुचारु कराया है। बावजूद इसके सड़क के पूर्वी-पश्चिमी छोर पर रहने वाले गंदे पानी का रुख सड़क की ओर कर देने से समस्या बढ़ रही है। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सुभाषचंद भारतीय ने बताया कि नाला निर्माण होने के बाद ही सड़क का अस्तित्व कायम रह सकता है। पत्र भेजा गया है रिपोर्ट निगेटिव आई तो जिला पंचायत के मद से नाला को पूरा करना मजबूरी बनेगी।
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राष्ट्रीय राजमार्ग से स्टेशन को जोड़ते हुए उक्त सड़क दरवांसी, सुधवै, मैलौना, गोधना, रजमला, कोइरौना, सदाशिवपट्टी, चंदापुर समेत तटवर्ती 50 गांवों के राहगीरों की राह आसान करती है। लगभग 14 वर्ष पहले जिला पंचायत ने सड़क को अपने अधीन कर 20 लाख की लागत से लगभग पौने दो किलोमीटर तक निर्माण करा दिया। निर्माण के बाद से न सड़क की देखरेख हो सकी न जनप्रतिनिधियों ने दुरुस्तीकरण प्रस्ताव में शामिल कर जीर्णोद्घार कराया। बारिश के दिनों में सड़क जलजमाव के कारण तीन फीट की गहराई में धंस गई। बारिश थमने के बावजूद न जलजमाव दूर करने में ब्लाक प्रशासन स्टीमेट तैयार करा सका न ग्राम पंचायते मनरेगा के तहत नाला बनवाने के लिए आगे आ सकी और कागज पर नाला तैयार होने के बाद ब्लाक प्रशासन ने भुगतान भी कर चुका है। 2020 में किसी तरह जिला पंचायत ने 10 लाख खर्च कर सड़क का डामरीकरण तो करा दिया लेकिन नाला के अभाव में बारिश और घरों से निकलने वाला गंदा सड़क को पुन:उसी स्थिति में लाकर छोड़ दिया। डीएम आर्यका अखौरी के निर्देश पर दुर्गा पूजा, विसर्जन के समय होनेेेेेेेेेेे वाली परेशानी को देखते हुए जिला पंचायत के अधिकारियों ने पांच ट्रक गिट्टी, भस्सी जलजमाव वाले स्थान पर डलवाकर आवागमन सुचारु कराया है। बावजूद इसके सड़क के पूर्वी-पश्चिमी छोर पर रहने वाले गंदे पानी का रुख सड़क की ओर कर देने से समस्या बढ़ रही है। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सुभाषचंद भारतीय ने बताया कि नाला निर्माण होने के बाद ही सड़क का अस्तित्व कायम रह सकता है। पत्र भेजा गया है रिपोर्ट निगेटिव आई तो जिला पंचायत के मद से नाला को पूरा करना मजबूरी बनेगी।
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