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भारतीय दूतावास का मिला साथ, यूक्रेन से लौटा छात्र
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रूस-यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच वहां फंसे छात्र-छात्राओं के परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। भारत के भी हजारों लोग वहां फंसे हैं। हालांकि भारतीय दूतावास की मदद से कई छात्र अपने वतन भी लौटे हैं। सुरक्षित लौटने वालों में भदोही जिले के नेवादा गांव निवासी शिवम कुमार दुबे भी हैं। उन्होंने अपने घर आने के बाद भारतीय दूतावास को धन्यवाद दिया। हालांकि उन्होंने यूक्रेन में फंसे अपने दोस्तों को लेकर चिंता जताई। कहा कि मुझे उम्मीद है कि वहां से सभी छात्र-छात्राओं को भारत सरकार सुरक्षित घर वापस लाएगी।
अपने घर पर मां मंजू देवी और पिता सुरेश कुमार दुुबे व भाई कौशल के साथ शुभम काफी खुश हैं। परिवार के लोगों ने भी भारतीय दूतावास की पूरी टीम को धन्यवाद कहा। शुभम अभी हाल में ही आठ दिसंबर 2021 को एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए थे। वे वहां वह ऊजहार्ड सिटी में रहकर पढ़ाई करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोगों को दूतावास से काफी मदद मिली। वहां से बस से हंगरी बार्डर पर ले जाया गया और वहां से दूसरी बस से एयरपोर्ट ले जाया गया। वहां से फ्लाइट दिल्ली आई। दिल्ली से घर तक छोड़ने के लिए कार की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि हमारे साथ इधर वाराणसी क्षेत्र के कुल पांच छात्र थे।
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अपने घर पर मां मंजू देवी और पिता सुरेश कुमार दुुबे व भाई कौशल के साथ शुभम काफी खुश हैं। परिवार के लोगों ने भी भारतीय दूतावास की पूरी टीम को धन्यवाद कहा। शुभम अभी हाल में ही आठ दिसंबर 2021 को एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए थे। वे वहां वह ऊजहार्ड सिटी में रहकर पढ़ाई करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोगों को दूतावास से काफी मदद मिली। वहां से बस से हंगरी बार्डर पर ले जाया गया और वहां से दूसरी बस से एयरपोर्ट ले जाया गया। वहां से फ्लाइट दिल्ली आई। दिल्ली से घर तक छोड़ने के लिए कार की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि हमारे साथ इधर वाराणसी क्षेत्र के कुल पांच छात्र थे।
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