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कालीन नगरी में भी फैला है अवैध शराब का कारोबार
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आजमगढ़ में जहरीली शराब कांड ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है। चुनावी माहौल में कालीन नगरी भी अछूती नहीं है। एक दशक पूर्व चौरी और बभनौटी में जहरीली शराब के सेवन से 13 से अधिक लोगों की हुई मौत अब भी लोगों के जेहन में है। तमाम दावों के बीच अब भी सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
आबकारी विभाग व जिले की पुलिस शराब के अवैध कारोबार को रोकने का दावा तो करती है, लेकिन वास्तविकता इससे इतर है। एक दशक में ही चौरी और औराई में जहरीली शराब पीने से दर्जन भर लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद जिले में अवैध शराब का कारोबार व्यापक स्तर पर फल फूल रहा है। अवैध शराब तस्करों से पुलिस का गठजोड़ रहता है। जब भी थाना प्रभारी बदलते हैं तो एक बारगी वह बड़ी कार्रवाई कर अपनी हनक जमा लेते हैं। तालमेल होते ही सब कुछ ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पुलिस अवैध शराब बरामद तो कर लेती है, लेकिन मास्टर माइंड को गिरफ्तार करने में आनाकानी करती है। जब तक उसे गिरफ्तार करने की योजना बनाती है, तब तक वह कोर्ट से जमानत लेकर फिर कारोबार में जुट जाता है। इसका ताजा उदाहरण सुरियावां थानाक्षेत्र के मड़ई कनकपुर में देखने को मिला। नवंबर महीने में पुलिस की कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुआ था। भदोही के पिपरिस में सरकारी शराब की दुकान से भी अवैध शराब बरामद हो चुकी है। जहरीली शराब के सेवन से वर्ष 2011 में चौरी में करीब आठ और बभनौटी में पांच लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद कुछ दिनों तक आबकारी व पुलिस महकमा सक्रिय रहता है, लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
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आबकारी विभाग व जिले की पुलिस शराब के अवैध कारोबार को रोकने का दावा तो करती है, लेकिन वास्तविकता इससे इतर है। एक दशक में ही चौरी और औराई में जहरीली शराब पीने से दर्जन भर लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद जिले में अवैध शराब का कारोबार व्यापक स्तर पर फल फूल रहा है। अवैध शराब तस्करों से पुलिस का गठजोड़ रहता है। जब भी थाना प्रभारी बदलते हैं तो एक बारगी वह बड़ी कार्रवाई कर अपनी हनक जमा लेते हैं। तालमेल होते ही सब कुछ ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पुलिस अवैध शराब बरामद तो कर लेती है, लेकिन मास्टर माइंड को गिरफ्तार करने में आनाकानी करती है। जब तक उसे गिरफ्तार करने की योजना बनाती है, तब तक वह कोर्ट से जमानत लेकर फिर कारोबार में जुट जाता है। इसका ताजा उदाहरण सुरियावां थानाक्षेत्र के मड़ई कनकपुर में देखने को मिला। नवंबर महीने में पुलिस की कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुआ था। भदोही के पिपरिस में सरकारी शराब की दुकान से भी अवैध शराब बरामद हो चुकी है। जहरीली शराब के सेवन से वर्ष 2011 में चौरी में करीब आठ और बभनौटी में पांच लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद कुछ दिनों तक आबकारी व पुलिस महकमा सक्रिय रहता है, लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
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