UP: संदिग्धों की पहचान बताएं, मिलेगा एक लाख... परिचारक हत्याकांड में पुलिस ने जारी किया CCTV फुटेज
परिचारक हत्याकांड में पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद भी कोई सबूत नहीं मिला तो इन्हें छोड़ दिया गया है। अब पुलिस ने मामले की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कर दी है।
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ज्ञानपुर के औराई कोतवाली क्षेत्र के महराजगंज स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के परिचारक की हत्या के मामले में पुलिस अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। गठित टीमों को सिर्फ सीसीटीवी में तीन संदिग्ध ही मिल सके हैं, उनकी पहचान भी नहीं हो पा रही है।
रविवार को एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने संदिग्धों की पहचान बताने पर एक लाख ईनाम की घोषणा किया।
12 जनवरी की रात को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के छत पर वहां के परिचारक हीरालाल पटेल पुत्र बुद्धू पटेल निवासी कुनबीकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई।
सीसीटीवी के आधार पर कई लोगों को हिरासत में लिया गया, लेकिन ठोस सबूत न मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया। करीब ढाई महीने से अधिक समय के बाद भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सके। सीसीटीवी में दिखने वाले तीन संदिग्धों की भी पहचान करने में भी पुलिस फेल हो गई है।
पीड़ित परिवार अब भी न्याय की उम्मीद लगाए हुए है। अब पुलिस सीसीटीवी में दिख रहे तीन संदिग्धों का फुटेज जारी कर एक लाख ईनाम की घोषणा किया है। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि फुटेज में दिखने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर जानकारी देने वाले व्यक्ति को एक लाख दिया जाएगा। उक्त व्यक्ति का नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा।
बताते चलें कि उक्त हत्याकांड के मामले में सपा मुखिया और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा के साथ पार्टीज़नों को मृतक के आवास पर भेजा था। यही नहीं प्रमुख सचिव गृह को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की।