फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Hindi is not merely a language; it is the soul of our culture and identity: Dr. Ramesh

हिंदी एक भाषा नहीं, हमारी संस्कृति व पहचान की आत्मा : डॉ. रमेश

Tue, 15 Sep 2026 01:07 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:07 AM IST
विज्ञापन
Hindi is not merely a language; it is the soul of our culture and identity: Dr. Ramesh
केएनयू के हिंदी विभाग में ​हिंदी दिवस पर गोष्ठी में बोलते वक्ता। स्रोत विभाग
ज्ञानपुर। जिले मेंे शिक्षण संस्थानों, संगठनों की ओर से सोमवार को हिंदी दिवस मनाया गया। गोष्ठी, निबंध आदि के माध्यम से हिंदी के इतिहास पर प्रकाश डाला गया। बताया गया कि हिंदी एक भाषा ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान की आत्मा है। इसके बिना जीवन अधूरा है। काशी नरेश विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में हिंदी दिवस मनाया गया। विभाग प्रभारी डॉ. रमेश ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय एकता का सुदृढ़ सूत्र है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपनी मातृभाषा के प्रति स्वाभिमान और गर्व का भाव जागृत करने का आह्वान किया।
विज्ञापन

डॉ. शिरीष एवं उमेश दत्त तिवारी ने हिंदी के साहित्यिक वैभव और आधुनिक संचार माध्यमों में इसकी बढ़ती लोकप्रियता पर प्रकाश डाला। कहा कि आज के डिजिटल और इंटरनेट युग में हिंदी भाषा अत्यंत तीव्र गति से वैश्विक संवाद का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रो. अजय सिंह यादव ने कहा कि जब तक वैज्ञानिक अनुसंधान और उच्च शिक्षा में भारतीय भाषाओं को यथोचित स्थान नहीं मिलेगा, तब तक ज्ञान का लोकतंत्रीकरण संभव नहीं है। प्राचार्य प्रो. राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की उन्नति उसकी निज भाषा की उन्नति से ही संभव है। इसी तरह कंपोजिट विद्यालय ज्ञानपुर में अखिलेश कुमार यादव ने हिंदी की संविधान में मान्यता और महत्व जैसे विषय को समझाया। हिंदी हमारे दिल की भाषा है। डॉ. विमल कुमार मिश्रा ने कहानी लेखन और निबंध लेखन के बारे में बताया। इस मौके पर शिवम श्रीवास्तव, रतनलाल, हीरोमणि यादव आदि रहे। सुरियावां के प्राथमिक विद्यालय बनकट में हिंदी दिवस पर बच्चों को हिंदी भाषा के महत्व, उसकी विशेषताओं एवं जीवन में उपयोगिता के बारे में बताया गया। प्रधानाध्यापक डॉ. ओमप्रकाश मिश्रा ने कहा कि हिंदी केवल संचार का माध्यम ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक जीवन से जुड़ी भाषा है। मौके पर सहायक अध्यापक रविकांत दुबे, संतोष कुमार आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed