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गलत रणनीति से बाजारों में टूट रही गाइड लाइन
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ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम आर्यका अखौरी के नाम सौंपकर बंद चल रही दुकानों को खुलवाने की मांग की। जिलाध्यक्ष घनश्यामदास गुप्ता के साथ जिला मुख्यालय एकजुट हुए व्यापारियों ने सवाल उठाया कि सरकार की गलत रणनीतियों से बाजारों में कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन को ग्राहक तोड़ने के लिए विवश है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी चाह कर भी ऐसी दुकानों को खोलने से कतरा रहा है कि शादी समारोह के लिए संख्या निर्धारित कर शासनादेश लागू कर दिया गया लेकिन समारोह में लगने वाले सामानों से भरी दुकानों को खोलने पर कोई निर्णय नहीं हो सका। सुबह सात से 11 बजे तक खुली रहने वाली दुकानों पर सिर्फ सब्जी, दूध, दवा, रसोई के सामान लेने में समय बीत जाता है। इस दौरान उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित कर पाना बड़ी मुश्किल का कार्य है। कारण है कि शादी में लगने वाले मसाला, तेल, चीनी, घी, कपड़ा, सौंदर्य प्रशाधन, आभूषण के सामान बंद दुकानों से खरीदकर ही जरूरत पूरी की जा रही है। इस दौरान होने वाली दुस्साहस के खिलाफ दुकानदार पुलिस प्रशासन के उत्पीड़न से नहीं बच पाते।
कहा कि कई बार प्रतिनिधि मंडल डीएम, एडीएम, एसडीएम को लिखित रुप से मांग कर चुका है। गत सप्ताह व्यापारियों और ग्राहकों की उपेक्षा कर अंग्रेजी, देशी, बियर की दुकानों को खोलने का समय सांय छह बजे तक कर दिया गया लेकिन लाखों रुपये की पूंजी फंसाकर बैठे दुकानदारों के हित कोई निर्णय न लेना उपेक्षा को प्रदर्शित कर रहा है। यदि प्रशासन इसी तरह की अनदेखी करता रहा तो आने वाले दिनों में व्यापारियों के साथ आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। जनहि त को देखते हुए दुकानों को अविलंब खोलने का निर्देश दिया जाए। इस मौके पर राकेश वर्मा, सुरेंद्र विश्वकर्मा, श्रीकांत जायसवाल, शिव प्रकाश गुप्ता, संजीव कुमार आदि रहे।
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उन्होंने कहा कि व्यापारी चाह कर भी ऐसी दुकानों को खोलने से कतरा रहा है कि शादी समारोह के लिए संख्या निर्धारित कर शासनादेश लागू कर दिया गया लेकिन समारोह में लगने वाले सामानों से भरी दुकानों को खोलने पर कोई निर्णय नहीं हो सका। सुबह सात से 11 बजे तक खुली रहने वाली दुकानों पर सिर्फ सब्जी, दूध, दवा, रसोई के सामान लेने में समय बीत जाता है। इस दौरान उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित कर पाना बड़ी मुश्किल का कार्य है। कारण है कि शादी में लगने वाले मसाला, तेल, चीनी, घी, कपड़ा, सौंदर्य प्रशाधन, आभूषण के सामान बंद दुकानों से खरीदकर ही जरूरत पूरी की जा रही है। इस दौरान होने वाली दुस्साहस के खिलाफ दुकानदार पुलिस प्रशासन के उत्पीड़न से नहीं बच पाते।
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कहा कि कई बार प्रतिनिधि मंडल डीएम, एडीएम, एसडीएम को लिखित रुप से मांग कर चुका है। गत सप्ताह व्यापारियों और ग्राहकों की उपेक्षा कर अंग्रेजी, देशी, बियर की दुकानों को खोलने का समय सांय छह बजे तक कर दिया गया लेकिन लाखों रुपये की पूंजी फंसाकर बैठे दुकानदारों के हित कोई निर्णय न लेना उपेक्षा को प्रदर्शित कर रहा है। यदि प्रशासन इसी तरह की अनदेखी करता रहा तो आने वाले दिनों में व्यापारियों के साथ आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। जनहि त को देखते हुए दुकानों को अविलंब खोलने का निर्देश दिया जाए। इस मौके पर राकेश वर्मा, सुरेंद्र विश्वकर्मा, श्रीकांत जायसवाल, शिव प्रकाश गुप्ता, संजीव कुमार आदि रहे।
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