फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Got the prescription at 7:30 in the morning, patients kept peeking into the doctor's room for three hours

सुबह 7:30 बजे कटवाया पर्चा, तीन घंटे तक डॉक्टर के कमरे में झांकते रहे मरीज

Mon, 02 Feb 2026 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 11:42 PM IST
विज्ञापन
Got the prescription at 7:30 in the morning, patients kept peeking into the doctor's room for three hours
ज्ञानपुर जिला चिकित्सालय में 9.25 बजे बंद पड़ी ओपीडी। संवाद
ज्ञानपुर। दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल की ओपीडी में भीड़ अधिक रही। सुबह 7:30 बजे पंजीकरण काउंटर खुल गया था। तीमारदार पर्चा बनवा रहे थे। कुछ मरीज और तीमारदार पर्चा बनवाकर ओपीडी हॉल में पहुंच गए थे। वहां सन्नाटा छाया था। सुबह 9:15 बजे तक डॉ. धीरज प्रकाश, डॉ. अजय कुमार मौर्या के कमरे का ताला भी नहीं खुला था। शासन की ओर से तय किया गया है कि सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक डॉक्टर ओपीडी में मरीजों का इलाज करेंगे। जिला अस्पताल के डॉक्टर इस नियम को नहीं मानते हैं। वे 10:30 बजे तक अस्पताल पहुंचते हैं और 1:30 बजे सेवा समाप्त करके चले जाते हैं। सोमवार को अमर उजाला की टीम जिला अस्पताल पहुंची तो पता चला कि सुबह 9:10 बजे तक जिला अस्पताल में तैनात 17 में से 15 डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे थे। सुबह 7:30 बजे से मरीज और तीमारदार पर्चा बनवाकर डॉक्टर के कमरे में बार-बार झांकते रहे।
विज्ञापन

डीएम के आदेश का भी कोई असर नहीं
जिलाधिकारी कई बार जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आदेश दे चुके हैं कि सुबह 8 बजे से हर हाल में ओपीडी शुरू करें। यहां तैनात डॉक्टर उनके आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। इसका मुख्य कारण है कि डॉक्टर मुख्यालय पर निवास नहीं करते हैं। ज्यादातर डॉक्टर वाराणसी और प्रयागराज से आते हैं। इस कारण समय से नहीं पहुंचते हैं।
विज्ञापन


सीएमएस ने कहा, कई बार जारी किया गया नोटिस
जिला अस्पताल के सीएमएस ने कहा कि डॉक्टरों के देरी से आने के लिए कई बार उनको नोटिस जारी किया गया। फिर भी उनकी आदतों में सुधार नहीं हो रहा है। नाम न छापने की शर्त पर जिला अस्पताल के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि नोटिस जारी होने के बाद से डॉक्टर गुटबाजी करने लगते हैं। वे काम बंद करके हड़ताल करने की धमकी देने लगते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुबह 9:25 बजे तक इन डॉक्टरों के कमरे रहे बंद
सर्जन डॉ. धीरज प्रकाश, नेत्र सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. सुरेंद्र बिंद, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय मौर्य, फिजिशियन डॉ. प्रदीप कुमार, दंत चिकित्सक डॉ. अरिवंद प्रताप, परामर्शदाता डॉ. एसके शर्मा, रेडियोलॉजिस्ट अनिल कुमार पांडेय, फिजियोथेरेपेस्टि मो. आतिफ अंसारी, डॉ. हरिओम, डॉ. नितिशा पांडेय, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. अनुपम अग्रवाल, डॉ. लक्ष्मी।
मरीजों की पीड़ा
आंख में जलन होती है, कम दिखाई देता है। कई दिनों से तकलीफ है, अस्पताल में दिखाने आई हूं, लेकिन आंख के डॉक्टर नहीं आए हैं।
- चनिता निवासी सिंहपुर
छह साल की नातिन सहनवाज को दिखाने आया हूं, वह छत से गिर गई है, उसे आंख में चोट आई है। सुबह 7.45 बजे से पर्चा कटाकर बैठा हूं। डॉक्टर नहीं आए है। -

शौकत अली, कांवल
पेट में दर्द है। सुरियावां सीएचसी दिखाने गई थी, वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। यहां इमरजेंसी में दिखाई हूं, डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा है। 8.25 से अल्ट्रासाउंड कक्ष के सामने बैठी हूं। जो बंद है। - निर्मला निवासी कस्तूरीपुर

बेटे को कुछ दिनों से बुखार के साथ पेट दर्द हो रहा है। अभी तक डॉक्टर नहीं आए हैं। आज लग रहा है काम से छुट्टी लेनी पड़ेगी।
- रवि कुमार, ज्ञानपुर
वर्जन

ड्यूटी के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी डॉक्टर समय से ओपीडी में नहीं आए हैं, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
- डॉ. अजय तिवारी सीएमएस जिला अस्पताल ज्ञानपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article