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Bhadohi News: भदोही की हस्तनिर्मित कालीनों के मुरीद नजर आए विदेशी खरीदार
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भदोही। 45वें अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के दूसरे दिन सोमवार को विदेशी कालीन खरीदारों की अच्छी खासी आमद रही। दूसरे दिन सीएम योगी का कार्यक्रम होने के कारण कुछ हद तक फेयर प्रभावित जरूर रहा, लेकिन सीएम के जाते ही फेयर में आयातकों की भीड़ उमड़ पड़ी। सीईपीसी के पदाधिकारियों के अनुसार दो दिनों में 69 देशों के 244 आयातक के साथ ही विभिन्न कंपनियों के 148 प्रतिनिधि शामिल हो चुके हैं।
कालीन मेले में दूसरे दिन भी भदोही के हस्तनिर्मित कालीनों की काफी धूम रही। फेयर में आने वाले आयातक हस्तनिर्मित कालीनों के मुरीद नजर आए। पहले दिन जहां 28 देशों के 244 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। वहीं दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में आयातक शामिल हुए। सीईपीसी के अनुसार दो दिनों में 69 देशों के 244 आयातक और 148 बायर एजेंट शामिल हो चुके हैं। इसमें अमेरिका, चीन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, चिली, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्राजील, कोलंबिया, डेनमार्क, फिनलैंड, हंगरी, ईरान, इटली, जापान, कोरिया, नीदरलैंड, नॉर्वे, रूस, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, तुर्की, ब्रिटेन, जिम्बाब्वे सहित अन्य देशों के खरीदार पहुंचे। गौर करने वाली बात है कि फेयर में कश्मीर, दिल्ली, राजस्थान सहित देश के विभिन्न प्रांतों से 272 स्टॉल लगाए गए हैं, लेकिन सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र भदोही हस्तनिर्मित कालीनें ही हैं। आयातक भदोही की हस्तनिर्मित कालीनों के मुरीद नजर आ रहे हैं। सीईपीसी के फेयर कमेटी के अध्यक्ष वासिफ अंसारी ने कहा कि बीते साल की अपेक्षा इस साल कालीन मेला काफी शानदार रहा है। जिला प्रशासन की ओर से भी सीईपीसी को लगातार सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के आगमन को भी इसका श्रेय दिया। लगातार दूसरे दिन मेले की रौनक बताती है कि मेला अपनी सफलता की ओर बढ़ रही है। बताया कि परिषद का प्रयास रहता है कि कालीन आयातकों के साथ-साथ निर्माता-निर्यातकों को एक विशेष माहौल मिले, जो एक्सपो ने पूरी कर दी है। फेयर जितना अच्छा होगा इसमें लगे 20 लाख बुनकरों को सीधे लाभ होगा। अंसारी ने बताया कि देश का मौजूदा निर्यात 17 हजार करोड़ रुपये है। इसमें 60 प्रतिशत का उत्पादन भदोही कालीन परिक्षेत्र का ही है। यही कारण है कि भदोही को केंद्र सरकार ने ‘टाउन्स आफ एक्सपोर्ट एक्सलेंस’ घोषित किया हुआ है।
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कालीन मेले में दूसरे दिन भी भदोही के हस्तनिर्मित कालीनों की काफी धूम रही। फेयर में आने वाले आयातक हस्तनिर्मित कालीनों के मुरीद नजर आए। पहले दिन जहां 28 देशों के 244 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। वहीं दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में आयातक शामिल हुए। सीईपीसी के अनुसार दो दिनों में 69 देशों के 244 आयातक और 148 बायर एजेंट शामिल हो चुके हैं। इसमें अमेरिका, चीन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, चिली, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्राजील, कोलंबिया, डेनमार्क, फिनलैंड, हंगरी, ईरान, इटली, जापान, कोरिया, नीदरलैंड, नॉर्वे, रूस, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, तुर्की, ब्रिटेन, जिम्बाब्वे सहित अन्य देशों के खरीदार पहुंचे। गौर करने वाली बात है कि फेयर में कश्मीर, दिल्ली, राजस्थान सहित देश के विभिन्न प्रांतों से 272 स्टॉल लगाए गए हैं, लेकिन सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र भदोही हस्तनिर्मित कालीनें ही हैं। आयातक भदोही की हस्तनिर्मित कालीनों के मुरीद नजर आ रहे हैं। सीईपीसी के फेयर कमेटी के अध्यक्ष वासिफ अंसारी ने कहा कि बीते साल की अपेक्षा इस साल कालीन मेला काफी शानदार रहा है। जिला प्रशासन की ओर से भी सीईपीसी को लगातार सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के आगमन को भी इसका श्रेय दिया। लगातार दूसरे दिन मेले की रौनक बताती है कि मेला अपनी सफलता की ओर बढ़ रही है। बताया कि परिषद का प्रयास रहता है कि कालीन आयातकों के साथ-साथ निर्माता-निर्यातकों को एक विशेष माहौल मिले, जो एक्सपो ने पूरी कर दी है। फेयर जितना अच्छा होगा इसमें लगे 20 लाख बुनकरों को सीधे लाभ होगा। अंसारी ने बताया कि देश का मौजूदा निर्यात 17 हजार करोड़ रुपये है। इसमें 60 प्रतिशत का उत्पादन भदोही कालीन परिक्षेत्र का ही है। यही कारण है कि भदोही को केंद्र सरकार ने ‘टाउन्स आफ एक्सपोर्ट एक्सलेंस’ घोषित किया हुआ है।
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