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बाढ़ ने मचाई तबाही, एक हजार बीघे की फसल डूबी
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से रामपुर घाट पर डूबा आश्रयस्थल। संवाद
- फोटो : BHADOHI
सीतामढ़ी। सोमवार को गंगा का जल स्तर 80 मीटर को पार गया है। बाढ़ में तटवर्ती इलाकों में एक हजार बीघे की फसल डूब चुकी है। गंगा का पानी खेतों को आगोश लेने के साथ ही गांवों में प्रवेश कर गया है। बाढ़ से सीतामढ़ी, सेमराध, रामपुर समेत कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ पीड़ित अपना आशियाना छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने लगे हैं।
सीतामढ़ी क्षेत्र में लगी लगभग एक हजार बीघे की धान, अरहर व बाजरे की फसल गंगा में पूरी तरह से समा चुकी है। फसलों के डूबने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। फसलों के नष्ट होने से किसानों के सामने परिवार का भरण पोषण करने का संकट भी खड़ा हो जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से अभी तक राहत सामग्री का वितरण शुरू नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में बहुत से लोग दूसरों से मदद का इंतजार कर रहे हैं। जबकि बहुत से लोग अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हुए हैं। किसानों का कहना है कि गंगा का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो कोनिया का पूरा क्षेत्र फसल विहीन हो जाएगा।
इस संबंध में तलवा डीघ गांव के किसान राकेश यादव, कृष्ण चंद यादव, अलोपी यादव, लवकुश यादव, ईश्वर चंद, कालीचरण, लालचंद, राजेंद्र यादव ,मसूरिया दीन, गिरधर यादव, परमा देवी, दुलारी देवी, कमला देवी, गोविंद यादव, सुभाष चंद्र यादव , चंद्रजीत, लवकुश, अनुज, नीरज, अशोक सहित कई किसानों की सैकड़ों बीघे अरहर, धान व बाजरा की फसलें गंगा में डूब गईं हैं। इसी तरह इटहरा के गुड्डू तिवारी, सत्य प्रकाश तिवारी, कैलाश नाथ तिवारी ,देवता प्रसाद तिवारी, चंद्र बली प्रजापति, अकबाल बहादुर सिंह, मेवा मेवा प्रजापति, भगेडू सिंह, भैरोलाल , राजेंद्र, रामबहादुर, विजय बहादुर सिंह अवधेश सिंह सहित गांव के तमाम किसानों की फसलें गंगा के जल में समा चुकी हैं। इसके बाद इस क्षेत्र के दर्जनों किसानों से एसडीएम से मुआवजे की मांग की है। मुख्य रुप से इटहरा, तलवा, मनीपुर, सोनपुर, कलिक मवैया सहित कई गांवों के किसानों की पूरी फसल डूब गई है। प्रशासन ने गंगा में किसी भी बड़ी या छोटी नौका के संचालन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद जिला प्रशासन के आदेश की अनदेखी कर कुछ नाविक नौका का संचालन रामपुर घाट व आसपास के क्षेत्रों कर रहे हैं। गंगा में उफान के बावजूद नाविक लोगों को गंगा पार करा रहे हैं।
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जिलाधिकारी आर्यका अखौर व एसपी रामबदन सिंह बाढ़ का जायजा लेने के लिए सोमवार को रामपुर गंगा घाट पर पहुंचे। डीएम ने रामपुर घाट पर बाढ़ के संबंध में लोगों से जानकारी ली। इस दौरान डीएम ने कहा कि जिले के कुछ परिवार जो बाढ़ की चपेट में आए हैं उनके लिए एक विद्यालय में व्यवस्था रुकने की व्यवस्था करा दी गई है। विद्यालय में 50 की संख्या में कुछ लोगों को रखा भी गया हैं।
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सीतामढ़ी क्षेत्र में लगी लगभग एक हजार बीघे की धान, अरहर व बाजरे की फसल गंगा में पूरी तरह से समा चुकी है। फसलों के डूबने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। फसलों के नष्ट होने से किसानों के सामने परिवार का भरण पोषण करने का संकट भी खड़ा हो जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से अभी तक राहत सामग्री का वितरण शुरू नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में बहुत से लोग दूसरों से मदद का इंतजार कर रहे हैं। जबकि बहुत से लोग अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हुए हैं। किसानों का कहना है कि गंगा का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो कोनिया का पूरा क्षेत्र फसल विहीन हो जाएगा।
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इस संबंध में तलवा डीघ गांव के किसान राकेश यादव, कृष्ण चंद यादव, अलोपी यादव, लवकुश यादव, ईश्वर चंद, कालीचरण, लालचंद, राजेंद्र यादव ,मसूरिया दीन, गिरधर यादव, परमा देवी, दुलारी देवी, कमला देवी, गोविंद यादव, सुभाष चंद्र यादव , चंद्रजीत, लवकुश, अनुज, नीरज, अशोक सहित कई किसानों की सैकड़ों बीघे अरहर, धान व बाजरा की फसलें गंगा में डूब गईं हैं। इसी तरह इटहरा के गुड्डू तिवारी, सत्य प्रकाश तिवारी, कैलाश नाथ तिवारी ,देवता प्रसाद तिवारी, चंद्र बली प्रजापति, अकबाल बहादुर सिंह, मेवा मेवा प्रजापति, भगेडू सिंह, भैरोलाल , राजेंद्र, रामबहादुर, विजय बहादुर सिंह अवधेश सिंह सहित गांव के तमाम किसानों की फसलें गंगा के जल में समा चुकी हैं। इसके बाद इस क्षेत्र के दर्जनों किसानों से एसडीएम से मुआवजे की मांग की है। मुख्य रुप से इटहरा, तलवा, मनीपुर, सोनपुर, कलिक मवैया सहित कई गांवों के किसानों की पूरी फसल डूब गई है। प्रशासन ने गंगा में किसी भी बड़ी या छोटी नौका के संचालन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद जिला प्रशासन के आदेश की अनदेखी कर कुछ नाविक नौका का संचालन रामपुर घाट व आसपास के क्षेत्रों कर रहे हैं। गंगा में उफान के बावजूद नाविक लोगों को गंगा पार करा रहे हैं।
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जिलाधिकारी आर्यका अखौर व एसपी रामबदन सिंह बाढ़ का जायजा लेने के लिए सोमवार को रामपुर गंगा घाट पर पहुंचे। डीएम ने रामपुर घाट पर बाढ़ के संबंध में लोगों से जानकारी ली। इस दौरान डीएम ने कहा कि जिले के कुछ परिवार जो बाढ़ की चपेट में आए हैं उनके लिए एक विद्यालय में व्यवस्था रुकने की व्यवस्था करा दी गई है। विद्यालय में 50 की संख्या में कुछ लोगों को रखा भी गया हैं।